Sonbhadra news : चंदुआर का अन्नपूर्णा केंद्र प्यासा! वर्षों से खराब हैंडपंप, मरम्मत के नाम पर उठे सवाल; आखिर कहां गया समरसेबल?
केंद्र परिसर में लगे हैंडपंप की मरम्मत को लेकर लंबे समय से समस्या बनी हुई है, लेकिन ग्रामीणों को अब तक समाधान का इंतजार है।

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4:57 PM, October 23, 2026
संजय भारती (संवाददाता)
◆ सरकारी राशन केंद्र पर पेयजल व्यवस्था बदहाल, ग्रामीणों का सवाल—आश्वासन बहुत मिले, पानी कब मिलेगा?
◆ सचिव ने मरम्मत के लिए फाइल तैयार होने की बात कही, लेकिन धरातल पर कार्रवाई कब होगी?
बीना/सोनभद्र। सरकार जहां ग्रामीणों को बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने और सार्वजनिक परिसंपत्तियों को दुरुस्त रखने के दावे करती है, वहीं म्योरपुर विकासखंड की चंदुआर ग्राम पंचायत स्थित सरकारी राशन वितरण केंद्र (अन्नपूर्णा केंद्र) पर पेयजल व्यवस्था की बदहाली इन दावों पर सवाल खड़े कर रही है। केंद्र परिसर में लगे हैंडपंप की मरम्मत को लेकर लंबे समय से समस्या बनी हुई है, लेकिन ग्रामीणों को अब तक समाधान का इंतजार है।
वर्षों से समस्या, जिम्मेदारों की नजर कब पड़ेगी?
अन्नपूर्णा केंद्र पर आने वाले ग्रामीणों के लिए पेयजल जैसी बुनियादी सुविधा का उपलब्ध न होना गंभीर चिंता का विषय है। ग्रामीणों का कहना है कि हैंडपंप की समस्या लंबे समय से बनी हुई है। ऐसे में सवाल उठता है कि जब सार्वजनिक उपयोग के लिए पेयजल सुविधा स्थापित की गई है, तो उसका नियमित रखरखाव सुनिश्चित क्यों नहीं किया गया? क्या जिम्मेदारों को इस समस्या की जानकारी नहीं है, या जानकारी होने के बावजूद कार्रवाई का इंतजार जारी है?
बोर में लगा समरसेबल कहां गायब हो गया?
इस पूरे मामले में सबसे बड़ा सवाल हैंडपंप के बोर में पहले लगे समरसेबल पंप को लेकर है। ग्रामीणों के अनुसार, बोर में समरसेबल पंप लगा हुआ था, लेकिन अब वह कहां है, इसकी जानकारी सामने नहीं आई है। ऐसे में संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट करना चाहिए कि पंप की वर्तमान स्थिति क्या है और पेयजल व्यवस्था ठप होने के पीछे वास्तविक कारण क्या है। इस सवाल का जवाब जांच और अभिलेखों के सत्यापन से ही सामने आ सकेगा।
मरम्मत की फाइल तैयार, लेकिन काम का इंतजार क्यों?
ग्राम पंचायत सचिव यशवंत गौतम से फोन पर बातचीत के दौरान उन्होंने बताया कि हैंडपंप मौजूद है और उसकी मरम्मत के लिए फाइल तैयार कराई गई है। उन्होंने काम कराए जाने का आश्वासन भी दिया। लेकिन सवाल यह है कि यदि समस्या लंबे समय से बनी हुई है, तो मरम्मत की प्रक्रिया अब तक किस स्तर पर पहुंची है? फाइल तैयार होने के बाद कार्य कब शुरू होगा और ग्रामीणों को राहत कब मिलेगी?
मरम्मत के नाम पर खर्च हुआ तो हिसाब भी सार्वजनिक हो
हैंडपंप की मरम्मत को लेकर ग्रामीणों के बीच सवाल उठ रहे हैं कि यदि पहले मरम्मत के नाम पर धनराशि खर्च की गई है, तो उसका विवरण क्या है? काम कब कराया गया, कितना खर्च हुआ और उसका भौतिक सत्यापन किसने किया? इन बिंदुओं पर संबंधित अभिलेखों की जांच कर स्थिति स्पष्ट की जानी चाहिए। सरकारी धन के दुरुपयोग की आशंका या आरोपों की पुष्टि बिना जांच के नहीं की जा सकती, लेकिन पारदर्शिता सुनिश्चित करना जिम्मेदार अधिकारियों का दायित्व है।
अब आश्वासन नहीं, धरातल पर कार्रवाई चाहिए
चंदुआर ग्राम पंचायत के इस मामले में ग्राम प्रधान, पंचायत सचिव और संबंधित विभागीय अधिकारियों की जिम्मेदारी है कि वे समस्या की वास्तविक स्थिति का निरीक्षण कराएं और पेयजल व्यवस्था बहाल करने के लिए समयबद्ध कार्रवाई करें। साथ ही, हैंडपंप और समरसेबल पंप से संबंधित उपलब्ध अभिलेखों की जांच कर स्थिति सार्वजनिक की जाए।
अब बड़ा सवाल यही है कि अन्नपूर्णा केंद्र पर पेयजल की सुविधा बहाल करने के लिए जिम्मेदार कब कदम उठाएंगे? क्या ग्रामीणों को जल्द राहत मिलेगी, या फिर मरम्मत की फाइल और आश्वासनों के बीच उनकी समस्या यूं ही बनी रहेगी? ग्रामीणों को अब जवाब के साथ-साथ धरातल पर काम होने का इंतजार है।




