Sonbhadra News : कड़ी मशक्कत के बाद मिला वैकल्पिक मार्ग, अब भारी वाहनों की बेरोकटोक आवाजाही से दुर्घटना की आशंका
आरओबी निर्माण के चलते लोगों को राहत देने के लिए जनप्रतिनिधियों और स्थानीय लोगों के प्रयास से छोटे वाहनों की आवाजाही के लिए तैयार किया गया वैकल्पिक मार्ग अब भारी वाहनों की बेरोकटोक आवाजाही की भेंट.....

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12:50 PM, August 20, 2026
आनन्द कुमार चौबे (संवाददाता)
सोनभद्र । आरओबी निर्माण के चलते लोगों को राहत देने के लिए जनप्रतिनिधियों और स्थानीय लोगों के प्रयास से छोटे वाहनों की आवाजाही के लिए तैयार किया गया वैकल्पिक मार्ग अब भारी वाहनों की बेरोकटोक आवाजाही की भेंट चढ़ने लगा है। आरओबी निर्माण कंपनी और प्रशासनिक स्तर पर कथित उदासीनता के बीच लगातार डंपर, बस और अन्य भारी वाहनों के गुजरने से रास्ता एक बार फिर खस्ताहाल होने की कगार पर पहुंच गया है। इससे नाराज स्थानीय लोगों का गुस्सा गुरुवार को फूट पड़ा।
वैकल्पिक मार्ग से दो डंपरों को गुजरता देख स्थानीय लोगों ने दोनों वाहनों को रोक लिया और मौके पर ही हंगामा शुरू कर दिया। लोगों का आरोप था कि जिस रास्ते को छोटे वाहनों की सुविधा के लिए किसी तरह तैयार कराया गया था, उस पर भारी वाहनों की आवाजाही जारी रही तो जल्द ही यह रास्ता भी जवाब दे देगा। इसके बाद लोगों ने भारी वाहनों के आवागमन पर तत्काल रोक लगाने की मांग को लेकर विरोध जताया।
डंपर रोकते ही मौके पर पहुंची ट्रैफिक पुलिस -
हंगामे की सूचना मिलते ही ट्रैफिक पुलिस के जवान मौके पर पहुंचे और आक्रोशित लोगों को समझाकर किसी तरह शांत कराया। पुलिस ने दोनों डंपरों को रोककर उनका चालान काटा। साथ ही वाहन चालकों को स्पष्ट चेतावनी दी कि इस वैकल्पिक मार्ग का दोबारा भारी वाहनों के आवागमन के लिए इस्तेमाल न किया जाए।
छोटे वाहनों के लिए बना रास्ता, भारी वाहनों ने बिगाड़ी हालत -
स्थानीय लोगों का कहना है कि आरओबी निर्माण के कारण पहले ही लोगों को आवागमन में भारी परेशानी उठानी पड़ रही है। काफी प्रयासों के बाद छोटे वाहनों के लिए वैकल्पिक रास्ता मिला, जिससे लोगों को कुछ राहत मिली थी। लेकिन अब इसी रास्ते से भारी वाहनों की आवाजाही शुरू होने से सड़क की हालत तेजी से बिगड़ रही है।
लोगों का कहना है कि यदि समय रहते भारी वाहनों पर प्रभावी रोक नहीं लगाई गई तो जिस वैकल्पिक मार्ग को बनाने में जनप्रतिनिधियों और स्थानीय लोगों ने प्रयास किया, वह भी कुछ ही दिनों में चलने लायक नहीं बचेगा।
प्रशासन की निगरानी पर उठे सवाल -
स्थानीय लोगों ने आरओबी निर्माण कंपनी और प्रशासन की कार्यशैली पर भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि भारी वाहनों की आवाजाही पर रोक के बावजूद डंपरों का लगातार गुजरना बताता है कि मार्ग पर निगरानी व्यवस्था कितनी प्रभावी है। लोगों ने मांग की कि वैकल्पिक मार्ग पर भारी वाहनों की आवाजाही रोकने के लिए स्थायी व्यवस्था की जाए और नियम तोड़ने वाले वाहनों के खिलाफ लगातार कार्यवाही हो।




