Sonbhadra News : श्रीरामलीला-प्रभु श्रीराम के चरण रज से धन्य हुई श्राप से शिला बनी अहिल्या
महुली के राजा बरियार शाह खेल मैदान पर मंचित हो रहे श्रीरामलीला का तीसरा दिन

सोनभद्र
3:53 PM, September 23, 2025
धर्मेन्द्र गुप्ता (संवाददाता)
विंढमगंज (सोनभद्र)। थाना क्षेत्र के महुली के राजा बरियार शाह खेल मैदान पर रामलीला के मंचन के तीसरे दिन सोमवार को कलाकारों द्वारा ताड़का वध लीला का सुंदर मंचन किया गया।
लीला शुभारंभ मां काली की भव्य झांकी और भगवान गणेश की आरती एवं दीप प्रज्वलित कर किया गया। इसके पश्चात सुबाहु और मारीच के दरबार और महर्षि विश्वामित्र के आश्रम में पहुंचकर राक्षसों के आतंक व इस बीच ताड़का वध लीला का अद्भुत और रोमांचकारी मंचन देख दर्शक आनंदमय हो गए।
राक्षस सुबाहु और मरीज के साथ ही राक्षसी ताड़का की आतंक से त्राहिमाम जनता साधु संतों की पीड़ा लेकर जब महर्षि विश्वामित्र अयोध्या के राजा दशरथ से मदद मांगने पहुंचते हैं ,तो विश्वामित्र के द्वारा किशोर श्री राम और उनके अनुज लक्ष्मण की मांग करने पर प्रजापालक राजा दशरथ ममता मोह में अपने पुत्र को जंगल में राक्षसों संग युद्ध लड़ने को भेजने को तैयार नहीं है। इसको लेकर राजा दशरथ और विश्वामित्र के बीच गहरा संवाद दर्शकों को खूब भाया।
राजा की विवशता और इनकार के बाद क्रोधित होकर लौटते, तभी विश्वामित्र को गुरु वशिष्ठ रोकते हैं और उनके आग्रह पर महाराज दशरथ ने दोनों पुत्रों को उनके साथ राक्षसों की दमन करने के लिए भेजने को तैयार हो जाते हैं । उधर प्रभु श्रीराम,लक्ष्मण गुरु विश्वामित्र के साथ गौतम ऋषि के आश्रम पहुँचते है तब विश्वामित्र मुनि एक श्राप के कारण पत्थर बनी अहिल्या की कहानी बताते हैं।तभी प्रभु श्रीराम के चरण रज के स्पर्श से अहिल्या का उद्धार हो जाता है और अपने पूर्व के स्वरूप को पाकर अपने पति के पास बैकुंठ चली जाती है।
अन्य दृश्यों में और तीव्र शोर के बीच आग बरसाती राक्षसी ताड़का प्रकट हो जाती है। ताड़का रौद्र रूप और तांडव देखने लायक बनती है। इसी बीच भगवान श्री राम, लक्ष्मण के साथ मिलकर ताड़का से युद्ध करते हुए एक ही बार से उसका अंत कर मानव जाति को प्रकोप से बचाते हैं। ताड़का वध होते ही दर्शकों से भरा पंडाल जय श्री राम की जयघोष से क्षेत्र भक्ति में हो गया।




