Sonbhadra News : पीलीभीत के बाद अब सोनभद्र मतदाता सूची में गड़बड़ी का आरोप, पूर्व विधायक ने 4180 नामों की सूची जारी की
उन्होंने कहा कि सदर विधानसभा राबर्ट्सगंज से लगभग 51386 वोट कटना कोई सामान्य बात नहीं। श्री कुशवाहा ने कहा कि भाजपा अब बेईमानी से चुनाव जीतना चाहती है।

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3:23 PM, October 25, 2026
शांतनु कुमार/प्रकाश खत्री
० सूची में एक ही नाम पते के मतदाता कई जगहों पर, ईपिक नम्बर भी अलग-अलग
० पूर्व विधायक अविनाश कुशवाहा ने निष्पक्ष जांच एवं कार्रवाई की मांग की
सोनभद्र । पीलीभीत के बाद अब सोनभद्र में वोटर लिस्ट में बड़ी गड़बड़ी का मामला सामने आया है। सोनभद्र के पूर्व सपा विधायक अविनाश कुशवाहा ने प्रेस कंफ्रेंस कर पूरे SIR प्रक्रिया पर सवाल खड़े करते हुए दस्तावेज दिखाये और कई गंभीर आरोप लगाया।
पूर्व सदर विधायक ने कहा कि SIR के नाम पर भयंकर फर्जीवाड़ा और वोट चोरी का षड़यंत्र भाजपा के इशारे पर हो रहा है। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग द्वारा वोटर लिस्ट को सही करने के नाम पर पहले विधानसभा राबर्ट्सगंज में लगभग 51386 मतदाताओं के नाम काटे गये।
अब SIR की आड़ में विधानसभा राबर्ट्सगंज में 4180 नाम ऐसे जोड़े गए हैं जिनका नाम, पता, वल्दीयत और उम्र एक ही है। मामला पकड़ में न आये इसलिए अलग-अलग ईपिक नं० से वोटर लिस्ट में कई-कई बार उनके नाम दर्ज हैं । उन्होंने वोटर लिस्ट दिखाते हुए आरोप लगाया कि यह सब भाजपा और चुनाव आयोग की मिलीभगत से संभव हो सकता है।
उन्होंने कहा कि सदर विधानसभा राबर्ट्सगंज से लगभग 51386 वोट कटना कोई सामान्य बात नहीं। श्री कुशवाहा ने कहा कि भाजपा अब बेईमानी से चुनाव जीतना चाहती है।
उन्होनें जिला निर्वाचन अधिकारी/जिलाधिकारी, सोनभद्र को पत्र सौंपकर मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। साथ ही SIR के तहत काटे गए सभी मतदाताओं की फोटो युक्त सूची सभी राजनैतिक दलों को उपलब्ध कराने की भी मांग की गयी। जिससे राजनैतिक दलों के कार्यकर्ता उसका भौतिक सत्यापन कर सकें।
अविनाश कुशवाहा ने कहा कि लोकतंत्र की मजबूती और निष्पक्ष निर्वाचन के लिए शुद्ध एवं पारदर्शी मतदाता सूची अत्यंत आवश्यक है।
उन्होंने जिला प्रशासन एवं निर्वाचन अधिकारियों से मांग की है कि विधानसभा क्षेत्र के सभी बूथों पर मतदाता सूची की सघन जांच कराई जाए तथा बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) के माध्यम से घर-घर जाकर भौतिक सत्यापन कराया जाए। जांच में दोहरे अथवा अपात्र नाम पाए जाने पर निर्वाचन नियमों के अनुसार उचित कार्रवाई की जाए और मतदाता सूची में सुधार सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची में किसी भी प्रकार की अनियमितता की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए, ताकि किसी भी पात्र मतदाता का नाम न छूटे और किसी भी अपात्र प्रविष्टि को नियमों के विरुद्ध सूची में बनाए न रखा जाए। यह सुनिश्चित करना निर्वाचन आयोग एवं प्रशासन की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है।
अविनाश कुशवाहा ने कहा कि यह आंकड़ा सिर्फ एक विधानसभा का है जबकि पूरे जनपद की बात की जाय तो लगभग 20 हजार से ज्यादा मतदाता सूची में गड़बड़ी है।




