Sonbhadra News : अवैध स्कूल-कोचिंग संचालन के विरुद्ध एबीवीपी ने सौंपा डीएम को ज्ञापन, अधिकारियों की मिलीभगत का लगाया आरोप
जनपद में शिक्षा के नाम पर चल रहे अवैध कारोबार और बढ़ते भ्रष्टाचार के खिलाफ अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) ने मोर्चा खोल दिया है। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी....

डीएम को ज्ञापन सौंपते एबीवीपी के कार्यकर्ता......
sonbhadra
2:56 PM, May 4, 2026
आनन्द कुमार चौबे (संवाददाता)
सोनभद्र । जनपद में शिक्षा के नाम पर चल रहे अवैध कारोबार और बढ़ते भ्रष्टाचार के खिलाफ अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) ने मोर्चा खोल दिया है। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपते हुए जिले की शैक्षिक व्यवस्था में व्याप्त गंभीर अनियमितताओं पर कड़ा आक्रोश जताया और तत्काल सख्त कार्रवाई की मांग की।
ज्ञापन में एबीवीपी ने आरोप लगाया कि जिले में बड़ी संख्या में विद्यालय बिना मान्यता और निर्धारित मानकों के खुलेआम संचालित हो रहे हैं। ये संस्थान नियमों को ताक पर रखकर विद्यार्थियों के भविष्य से खिलवाड़ कर रहे हैं, जबकि जिम्मेदार विभाग मूकदर्शक बना हुआ है। वहीं कोचिंग संस्थानों की स्थिति भी कम चिंताजनक नहीं है। परिषद के अनुसार, सीमित संसाधनों के बावजूद इन संस्थानों में क्षमता से कई गुना अधिक छात्रों का प्रवेश लिया जा रहा है। मनमानी फीस वसूली, जबरन यूनिफॉर्म और स्टेशनरी खरीदने का दबाव, तथा परीक्षा के समय ही छात्रों को बुलाकर औपचारिक शिक्षा देने जैसे गंभीर आरोप सामने आए हैं।
एबीवीपी ने कई महाविद्यालयों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े किए हैं। आरोप है कि कई कॉलेजों में नियमित कक्षाएं संचालित नहीं होतीं, छात्र पूरे वर्ष अनुपस्थित रहते हैं और केवल परीक्षा के समय उपस्थित होकर डिग्री हासिल कर लेते हैं। ऐसे संस्थान शिक्षा के केंद्र नहीं, बल्कि कमाई के साधन बन चुके हैं। वहीं फार्मेसी और अन्य व्यावसायिक पाठ्यक्रमों में प्रयोगशाला, योग्य शिक्षकों और बुनियादी ढांचे की भारी कमी भी उजागर की गई।
एबीवीपी ने यह भी बताया कि जहां जिले में मात्र 15 कोचिंग संस्थानों को ही मान्यता प्राप्त है, वहीं दर्जनों कोचिंग सेंटर अवैध रूप से संचालित हो रहे हैं। शिक्षा विभाग द्वारा समय-समय पर की जाने वाली जांच को भी ‘औपचारिकता’ करार देते हुए आरोप लगाया गया कि कुछ दिनों की दिखावटी कार्रवाई के बाद हालात ‘ढाक के तीन पात’ वाली हो जाती है। नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत के साथ ही फीस वृद्धि, पुनः प्रवेश, किताब-कॉपी और ड्रेस के नाम पर अभिभावकों की जेब पर डाका डाले जा रहा हैं।
परिषद ने जिलाधिकारी से मांग की कि अवैध रूप से संचालित सभी विद्यालयों और कोचिंग संस्थानों की उच्च स्तरीय, निष्पक्ष जांच कराकर दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए साथ ही शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता, जवाबदेही और गुणवत्ता लाने के लिए ठोस एवं स्थायी कदम उठाए जाएं।
एबीवीपी ने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र ही प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई तो संगठन छात्रहित और जनहित में व्यापक आंदोलन के लिए बाध्य होगा।
इस दौरान राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य मनमोहन निषाद, विभाग संयोजक सौरभ सिंह, प्रांत संयोजक अनमोल सोनी, जिला संयोजक ललितेश मिश्र, प्रांत SFS सह संयोजक राहुल जलान, तहसील संयोजक योगेश, आशुतोष, सिद्धार्थ समेत अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे।




