Sonbhadra news : आदिवासी क्षेत्र की एक ऐसी देवी जहां विवाह के बाद देना पड़ता है बकरे की बली
जिरही मन्दिर पर गाना बजाना के साथ मुंह में शांघ लेकर श्रद्धालु दर्शन पूजन करते दिखे और माता का आशिर्वाद प्राप्त किया।

sonbhadra
8:17 PM, October 2, 2025
घनश्याम पांडेय/रविंद्र नाथ पाठक (संवाददाता)
जुगैल । सोनभद्र के नवरात्रि के पावन पर्व के अवसर पर श्रद्धालुओं ने मां जिरही मन्दिर पर नवरात्रि के अन्तिम दिन अपने अपने क्षेत्र से जवाडी लेकर जिरही मन्दिर पर गाना बजाना के साथ मुंह में शांघ लेकर श्रद्धालु दर्शन पुजन करते दिखे और माता का आशिर्वाद प्राप्त कर सकते हैं।यह आदिवासी क्षेत्र का प्रचलन प्रथा चला आ रहा है और आदिवासी क्षेत्र कि एैसी देवी है जहां क्षेत्र में विवाह करने पर बकरे का बंली दिया जाता है। पुजारी कप्तान खरवार से जानकारी देते हुए बताया कि ग्राम जुगैल में स्थित माता जिरही मन्दिर का यहां मान्यता यह है कि माता जिरही कि डोली इसी रास्ते से होकर जा रही थी बारात जब रूकी और बारातीयो को प्यास लगी तो सेहरी नदी का पानी पी लिए पीने वाले दो बाराती मुसलीम थे कि गांव वालों से पुछे कि कौन सी नदी है तब गांव वालों ने बाताया कि सेयरीनदी है लेकिन सुनने में सुअरी नदी आया तब दोनों मुस्लिम बाराती वहीं पर आत्महत्या कर लिए। दो मुस्लिम बाराती मर जाने के बाद माता जिरही ने सोचा कि अब ससुराल में क्या जवाब दुंगी। इसी लिए माता जिरही जुगैल में समांधी लेली। तब से इस क्षेत्र से जो भी लड़की विवाह होता है उसको बकरे का बंली देने का प्रथा किया जाता है नही देने पर माता जिरही कि क्षेत्र कि लड़की देश के किसी कोने में रहे। उसके घर पहुंच कर परेशान करने लगती है उस व्यक्ति को देने पर मजबुर कर देती है यह अगोरी के राजा बालम साह के जमाने से चला आ रहा है।




