Sonbhadra News : 'इंडक्शन' खरीदने की लगी होड़, स्थानीय बाजारों के साथ ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से भी हुआ आउट ऑफ स्टॉक
मिडिल ईस्ट में जारी तनाव और ईरान से जुड़ी युद्ध जैसी स्थिति का असर अब भारत के घरेलू बाजारों में भी दिखाई देने लगा है। सोनाँचल सहित देश के कई शहरों में LPG सिलेंडर की कमी की खबरों के बीच लोग तेजी......

इंडक्शन चूल्हे की खरीदारी करते ग्राहक......
sonbhadra
3:08 PM, March 30, 2026
आनन्द कुमार चौबे (संवाददाता)
सोनभद्र । मिडिल ईस्ट में जारी तनाव और ईरान से जुड़ी युद्ध जैसी स्थिति का असर अब भारत के घरेलू बाजारों में भी दिखाई देने लगा है। सोनाँचल सहित देश के कई शहरों में LPG सिलेंडर की कमी की खबरों के बीच लोग तेजी से ऑप्शन तलाशने लगे हैं। इसी वजह से इंडक्शन चूल्हों की मांग अचानक बहुत बढ़ गई है और स्थानीय दुकानों के साथ-साथ ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर ये लगभग गायब हो चुके हैं।
दरअसल, हाल के दिनों में गैस सिलेंडर की सप्लाई की कमी की खबरें आ रही हैं। इन खबरों ने लोगों के बीच चिंता बढ़ा दी है। कई शहरों में गैस की बुकिंग में देरी और काले बाजार में सिलेंडर की कीमतें बढ़ने की खबरों से लोग घबरा गए हैं, ऐसे में लोग खाना पकाने के लिए इलेक्ट्रिक विकल्पों की तरफ रुख कर रहे हैं। इससे बाजार में इंडक्शन की मांग तेजी से बढ़ गई है। ज्यादातर दुकानों में यह आउट ऑफ स्टॉक हो चुका है। वहीं, दूसरी ओर इंडक्शन पर इस्तेमाल होने वाले बर्तनों की कीमतों में भी बढ़ोतरी देखी जा रही है, ऐसे में आम उपभोक्ताओं की परेशानी बढ़ गई है।
इस संबंध में साईं चौक स्थित बर्तन कॉर्नर के दुकानदार आशीष केशरी बताते हैं कि "कम कीमत में मिलने वाला इंडक्शन अब बाजार में उपलब्ध ही नहीं है, मजबूरी में लोग महंगे इंडक्शन खरीद रहे हैं। इसी तरह इंडक्शन पर इस्तेमाल होने वाले खास बर्तनों के दाम में भी तेजी से इजाफा हुआ है।"
इंडक्शन हुआ आउट ऑफ स्टॉक -
दुकानदार आशीष केशरी बताते हैं कि गैस की किल्लत के बाद इंडक्शन की मांग तेजी से बढ़ी है। हर दिन 15 से 20 ग्राहक दुकान पर पहुंच रहे हैं, जो सिर्फ इंडक्शन खरीदना चाहते हैं, इनमें से करीब 10 ग्राहक खरीदारी कर ही लेते हैं। सबसे पहले इंडक्शन की मांग बढ़ी, उसके बाद इंडक्शन पर इस्तेमाल होने वाले बर्तनों की मांग भी बढ़ने लगी। कुकर, फ्राई पैन, तवा समेत अलग-अलग बर्तनों के लिए ग्राहक पहुंचने लगे हैं। गैस की किल्लत शुरू होने के पहले दिन से लेकर अब तक इन सामानों की लगातार और अच्छी मात्रा में बिक्री हो रही है। इस बढ़ती मांग को देखते हुए कंपनियों ने कीमतों में बढ़ोतरी कर दी है। इससे हमें ग्राहकों को समझाने में परेशानी होती है, क्योंकि ग्राहक कम कीमत में सामान चाहते हैं।
बढ़ गए हैं दाम, कीमत 5 हजार के करीब -
उन्होंने जानकारी दी कि इंडक्शन के एमआरपी में 700 से 1000 रुपये तक की बढ़ोत्तरी देखने को मिली है। इसी तरह इंडक्शन पर इस्तेमाल होने वाले बर्तनों की कीमतों में भी 100 से 200 रुपये तक का इजाफा हुआ है। वहीं, स्टील के बर्तनों पर करीब 20 रुपये प्रति किलो तक ही वृद्धि दर्ज की गई है।उन्होंने आगे बताया कि इंडक्शन की मांग इतनी बढ़ गई है कि बाजार में प्रोडक्ट की भारी कमी हो गई है। हर जगह इंडक्शन का शॉर्टेज देखने को मिल रहा है। इस वजह से कीमतों में और बढ़ोतरी हो रही है। कई दुकानदार भी अपने हिसाब से दाम बढ़ा रहे हैं। फिलहाल रॉबर्ट्सगंज के बाजार की स्थिति ऐसी है कि 2000 से 3000 रुपये के बीच मिलने वाले ब्रांडेड कंपनियों के इंडक्शन पूरी तरह से आउट ऑफ स्टॉक हो चुके हैं, कहीं उपलब्ध नहीं हैं। अभी जो इंडक्शन उपलब्ध हैं, उनकी कीमत 4000 रुपये से ज्यादा है।
इंडक्शन के लिए चाहिए इस तरह के बर्तन -
उन्होंने बताया कि कि इंडक्शन चूल्हे पर खाना बनाने के लिए खास तरह के बर्तनों की जरूरत होती है। वैसे बर्तन जिनका तला सपाट और मैग्नेटिक हो। आमतौर पर इंडक्शन बेस वाले स्टेनलेस स्टील, कास्ट आयरन (लोहे) और नॉन-स्टिक बर्तन इसमें इस्तेमाल किए जाते हैं। इन बर्तनों के नीचे खास धातु की परत होती है, जो इंडक्शन की हीट को पकड़कर जल्दी गर्म हो जाती है। वहीं, साधारण एल्युमिनियम, कांच या तांबे के बर्तन इंडक्शन पर काम नहीं करते हैं। जब तक कि उनमें इंडक्शन बेस या प्लेट न लगा हो। ऐसे में बर्तन खरीदते समय इंडक्शन बेस लिखा होना या चुंबक चिपकने की जांच करना जरूरी होता है।
सरकार ने क्या कहा -
इस बीच सरकार ने लोगों से अपील की है कि वो घबराएं नहीं, घरेलू गैस की सप्लाई को सुरक्षित रखने के लिए जरूरी कदम उठाए गए हैं। इसके लिए हर तरह से व्यवस्था की गई है ताकि जरूरी गैस की उपलब्धता बनी रहे, फिर भी बाजार में लोगों की चिंता साफ दिखाई दे रही है। कई छोटे होटल और ढाबे भी गैस की कमी की वजह से परेशान हैं।




