Sonbhadra court News : दुष्कर्म और पॉक्सो मामले में दोषी को 15 साल तक के कठोर कारावास की सजा
जिला एवं सत्र न्यायाधीश, सोनभद्र ओमकार शुक्ला ने दुष्कर्म और पॉक्सो अधिनियम से जुड़े एक मामले में दोषी पाए गए अभियुक्त को विभिन्न धाराओं में कठोर कारावास और अर्थदंड की सजा सुनाई है।

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6:24 PM, July 24, 2026
राजेश पाठक (संवाददाता)
सोनभद्र,। विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट) एवं अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश, सोनभद्र ओमकार शुक्ला ने दुष्कर्म और पॉक्सो अधिनियम से जुड़े एक मामले में दोषी पाए गए अभियुक्त को विभिन्न धाराओं में कठोर कारावास और अर्थदंड की सजा सुनाई है।
अदालत ने सत्र परीक्षण संख्या 279/2025, राज्य बनाम रमाशंकर में अभियुक्त रमाशंकर, निवासी बेलहत्थी टोला पिरहवा, थाना हाथीनाला को उपलब्ध साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर दोषी करार दिया।
अभियोजन के अनुसार, 26 जनवरी 2025 को अभियुक्त ने एक नाबालिग बालिका के साथ अश्लील हरकत और दुष्कर्म किया। घटना का विरोध करने पर पीड़िता की छोटी बहन को रेलवे ट्रैक पर जान से मारने की धमकी देते हुए धक्का दे दिया, जिससे उसका पैर गंभीर रूप से घायल हो गया। इस संबंध में थाना हाथीनाला में मुकदमा दर्ज कर विवेचना के दौरान चिकित्सीय, वैज्ञानिक एवं अन्य साक्ष्य एकत्र कर न्यायालय में आरोप पत्र प्रस्तुत किया गया।
मुकदमे की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने 12 गवाहों के बयान और आवश्यक दस्तावेजी व वैज्ञानिक साक्ष्य न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किए। साक्ष्यों के आधार पर न्यायालय ने अभियुक्त को भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं तथा पॉक्सो अधिनियम के तहत दोषी ठहराया।
न्यायालय ने अभियुक्त को पॉक्सो अधिनियम की धारा 4 के तहत 10 वर्ष का कठोर कारावास एवं ₹20,000 अर्थदंड, बीएनएस की धारा 117(3) में 15 वर्ष का कठोर कारावास एवं ₹20,000 अर्थदंड, धारा 74 में 2 वर्ष का कारावास एवं ₹5,000 अर्थदंड तथा धारा 351(2) में 1 वर्ष का कारावास एवं ₹1,000 अर्थदंड की सजा सुनाई। अदालत ने सभी सजाओं को साथ-साथ चलाने का आदेश दिया है।
इसके अलावा न्यायालय ने अर्थदंड की आधी राशि पीड़िता तथा शेष आधी राशि घायल बालिका के पुनर्वास के लिए प्रदान करने का भी निर्देश दिया।
मामले में राज्य की ओर से विशेष लोक अभियोजक दिनेश प्रसाद अग्रहरी एवं नीरज कुमार सिंह ने प्रभावी पैरवी की।




