Sonbhadra News : चुर्क में प्रशासन की मौजूदगी में दबंग द्वारा होता रहा कब्जा, प्रशासन बनी रही मूकदर्शक
पीड़ित परिवार का आरोप है कि दबंग प्रशासन के साथ मिलकर कब्जा करता रहा और विरोध करने पर उनके परिवार पर जानलेवा हमला बोल दिया और बाद में पुलिस घायल पीड़ित को ही अपने साथ उठा ले गयी।

जमीन कब्जे के दौरान की तस्वीर
sonbhadra
3:54 PM, December 29, 2024
शान्तनु कुमार/आनंद चौबे
० योगी सरकार में सरकारी जमीन पर कब्जे को लेकर स्थानीय लोग हैरान
० प्रशासन की टीम व पुलिस पर लगा कब्जा कराने का आरोप
० बड़ा सवाल, आखिर प्रशासन मीडिया के कैमरे पर क्यों नहीं बोलना चाहता
० पिछले एक पखवारे से प्रशासन क्यों इच्छुक है चुर्क की जमीन को लेकर
सोनभद्र । जो जमीन सरकारी है, वह जमीन हमारी है...यह नारा कभी नक्सलियों का हुआ करता था लेकिन वर्षों बाद यह नजारा एक बार फिर देखने को मिल रहा है, बस अंतर यह है कि इस बार कब्जे के दौरान प्रशासन खुद मौके पर खड़ी होकर तमाशा देखती रही । पीड़ित परिवार का आरोप है कि दबंग प्रशासन के साथ मिलकर कब्जा करता रहा और विरोध करने पर उनके परिवार पर जानलेवा हमला बोल दिया और बाद में पुलिस घायल पीड़ित को ही अपने साथ उठा ले गयी।
कब्जे का यह नजारा रावर्ट्सगंज कोतवाली इलाके के चुर्क बाजार का है, जहां वर्षों से एक जमीन का विवाद चला आ रहा है । लेकिन पिछले कुछ दिनों से दबंगों द्वारा कब्जा करने का प्रयास किया जा रहा था, जो आज सफल हो गया । पीड़ित का आरोप है कि इस जमीन पर उसका वर्षों से कब्जा है लेकिन दबंग आज प्रशासन के साथ पहुंचा और कब्जा करने लगा । जब विरोध किया गया तो सुनील पांडेय नामक व्यक्ति को मारपीट कर घायल कर दिया । पीड़ित ने बड़ा आरोप लगाते हुए बताया कि जब मारपीट की घटना घट रही थी तो प्रशासनिक अधिकारी मौके पर मौजूद थे । लेकिन वे बीच-बचाव करने के बजाय घायल को ही उठाकर थाने ले गए । और दबंग जमीन कब्जा कर उस पर अपना निर्माण कार्य जारी रखा ।
पीड़ित पक्ष का कहना है कि इससे पहले भी जमीन की नापी के लिए राजस्व विभाग की टीम आयी थी और उस समय यह निर्देशित किया था कि यह जमीन सरकारी है और यह जमीन किसी भूमिहीन को पट्टा किया जायेगा ।
आपको बतादें कि वार्ड नम्बर 3 की यह जमीन नजुल (सरकारी जमीन) की है । कुछ दिन पहले भी कब्जे के दौरान हुए विवाद के समय नायब तहसीलदार के द्वारा कब्ज़ा दिलाये जाने का प्रयास किया गया था । लेकिन जब मीडिया पहुंची तो पुलिस और राजस्व की टीम वापस चली गयी थी।
आज एक बार फिर जब मीडिया प्रशासन का पक्ष जानना चाहा तो प्रशासन ने कैमरे पर कुछ भी बोलने से इनकार कर दिया और मौके से चली गयी ।
बहरहाल योगी सरकार में अवैध कब्जे के खिलाफ कड़ी कार्यवाही किये जाने के निर्देश हैं । लेकिन जिस तरह से चुर्क में नजूल की जमीन पर दबंग द्वारा कब्जा करने का मामला सामने आया और कब्जे का आरोप प्रशासन पर लगा है वह बेहद गंभीर है । ऐसे में सवाल यह उठता है कि क्या सरकारी जमीन पर कब्जे का आदेश यदि प्रशासन देता है तो क्या वह अवैध कब्जे की श्रेणी में नहीं आएगा ? इस पर सरकार को सोचने की जरूरत है ।




