भूख हड़ताल पर बैठे सोनम वांगचुक अस्पताल में भर्ती, 'चलो संसद' मार्च से पहले बढ़ा राजनीतिक विवाद
कथित पेपर लीक के विरोध और केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर भूख हड़ताल कर रहे सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर से हटाकर सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया है।

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1:26 PM, July 18, 2026
नई दिल्ली। विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित पेपर लीक के विरोध और केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर भूख हड़ताल कर रहे सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर से हटाकर सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया है। फिलहाल उन्हें डॉक्टरों की निगरानी में रखा गया है।
बताया जा रहा है कि वांगचुक पिछले 20 दिनों से NEET, CBSE, CUET और SSC जैसी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के विरोध में अनशन पर थे। लगातार उपवास के कारण उनकी तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया।
शुक्रवार को जारी एक वीडियो संदेश में वांगचुक ने कहा था कि लंबे अनशन के कारण उनका वजन लगभग 20 प्रतिशत तक कम हो गया है और शरीर की मांसपेशियां भी प्रभावित हुई हैं। उन्होंने यह भी कहा था कि वह अभी भी संघर्ष जारी रखे हुए हैं और 20 जुलाई को प्रस्तावित 'चलो संसद' मार्च में लोगों से बड़ी संख्या में शामिल होने की अपील की थी।
इस बीच, वांगचुक की पत्नी गीतांजलि अंग्मो ने कहा कि उनकी और चिकित्सकों की सहमति के बिना उन्हें कोई दवा नहीं दी जानी चाहिए।
घटना को लेकर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी सामने आई हैं। समाजवादी पार्टी की सांसद डिंपल यादव ने सोशल मीडिया पर कहा कि सोनम वांगचुक को इस तरह हटाया जाना लोकतांत्रिक मूल्यों और संवैधानिक अधिकारों के खिलाफ है।




