Shahjahanpur news : खुटार में सरकारी जमीन पर दावो की जंग, नगर पंचायत की भूमिका संदिग्ध
खुटार-बंडा चौराहे से गोला जाने वाले मार्ग पर मंदिर के पास वर्षों से खाली पड़ी भूमि को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं।

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shahjahanpur
9:43 AM, October 3, 2026
- मंदिर के पास की भूमि पर अलग-अलग दावे, सड़क किनारे की जमीन पर मिट्टी डालकर खंती पाटने की भी शिकायत
राहुल शुक्ला ब्यूरो
खुटार, शाहजहांपुर। खुटार-बंडा चौराहे से गोला जाने वाले मार्ग पर मंदिर के पास वर्षों से खाली पड़ी भूमि को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय स्तर पर उक्त भूमि को नगर पंचायत की संपत्ति बताया जा रहा है, जबकि भूमि के एक हिस्से पर निजी स्वामित्व के दावे भी सामने आते रहे हैं। मामले में पूर्व में न्यायालय में मुकदमा चलने और बाद में आपसी समझौते की बात कही जा रही है। हालांकि, भूमि के वास्तविक स्वामित्व और वर्तमान स्थिति को लेकर अभिलेखीय स्थिति स्पष्ट होना अभी बाकी है।
बताया जा रहा है कि भूमि के कुछ हिस्से पर नगर पंचायत की ओर से बारात घर का निर्माण कराया जा रहा है, जबकि दूसरे हिस्से को लेकर अलग-अलग दावे किए जा रहे हैं। शिकायतकर्ता का कहना है कि उसे मिली भूमि उसके अभिलेखों में दर्ज है। वहीं सड़क किनारे स्थित एक अन्य हिस्से को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं, जिसे कुछ लोग अपने अभिलेखों में दर्ज होने का दावा करते हुए मिट्टी डलवाकर सड़क की खंती पाटने का काम कर रहे हैं।
राजस्व अभिलेखों की जांच से साफ होगी तस्वीर
मामले में सबसे बड़ा सवाल भूमि के वास्तविक स्वामित्व और सीमांकन को लेकर है। कौन-सी जमीन नगर पंचायत की है, कौन-सा हिस्सा निजी अभिलेखों में दर्ज है और सड़क किनारे की भूमि पीडब्ल्यूडी अथवा किसी अन्य सरकारी विभाग के अधिकार क्षेत्र में आती है—इसकी स्थिति राजस्व अभिलेखों और मौके के सीमांकन से ही स्पष्ट हो सकती है।
भूमि को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच नगर पंचायत, राजस्व विभाग और पीडब्ल्यूडी की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं। हालांकि, संबंधित विभागों की ओर से इस मामले में कोई अनियमितता हुई है या नहीं, यह जांच और अभिलेखों के सत्यापन के बाद ही स्पष्ट होगा।
स्थानीय लोगों का कहना है कि सरकारी अथवा सार्वजनिक उपयोग की भूमि को लेकर स्थिति स्पष्ट करने के लिए प्रशासन को अभिलेखों का सत्यापन, मौके पर सीमांकन और भूमि की स्थिति की जांच करानी चाहिए, ताकि किसी भी पक्ष द्वारा किए जा रहे दावे की वास्तविकता सामने आ सके।




