Shahjahanpur news : कागजों में धान खरीद केंद्र गुलजार, मौके पर पसरा सन्नाटा!
किसानों का धान सरकारी दर पर खरीदने के लिए प्रशासन की ओर से खुटार क्षेत्र में चार क्रय केंद्र स्थापित किए गए हैं,

shahjahanpur
6:38 PM, October 29, 2026
राहुल शुक्ला ब्यूरो
◆ कहीं धर्मकांटा गायब तो कहीं बोर्ड भी नदारद, कई दिन बाद भी खरीद की तैयारी अधूरी
◆ केंद्र प्रभारी दे रहे आश्वासन, किसानों के धान की खरीद कब शुरू होगी?
खुटार, शाहजहांपुर। किसानों का धान सरकारी दर पर खरीदने के लिए प्रशासन की ओर से खुटार क्षेत्र में चार क्रय केंद्र स्थापित किए गए हैं, लेकिन जमीनी हकीकत सरकारी दावों की पोल खोलती नजर आ रही है। कहीं धर्मकांटा नहीं लगा है तो कहीं क्रय केंद्र का बोर्ड तक गायब है। कई दिन बीत जाने के बाद भी केंद्रों पर न तो तौल होती दिखाई दे रही है और न ही खरीद की जरूरी तैयारियां नजर आ रही हैं। ऐसे में सवाल उठता है कि जब केंद्रों पर व्यवस्थाएं ही पूरी नहीं हैं तो किसानों की उपज खरीदने की तैयारी आखिर कहां है?
खुटार क्षेत्र में नरायनपुर विक्रमपुर समिति भवन, मलिका समिति भवन, सहकारी संघ लिमिटेड समिति भवन खुटार और नरौठा हंसराम समिति भवन में धान खरीद केंद्र बनाए गए हैं। इन केंद्रों के माध्यम से किसानों की उपज की सरकारी खरीद होनी है, लेकिन मौके पर सन्नाटा पसरा है। कहीं धर्मकांटा और तौल की व्यवस्था दिखाई नहीं दे रही तो कहीं केंद्र की पहचान बताने वाला बोर्ड तक नजर नहीं आ रहा है। इससे क्रय केंद्रों की तैयारियों और निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
लेबर और व्यवस्थाएं अधूरी, एक-दो दिन में खरीद का भरोसा
सहकारी संघ लिमिटेड समिति खुटार के केंद्र प्रभारी से फोन पर खरीद की स्थिति पूछी गई तो उन्होंने बताया कि अभी लेबर और अन्य व्यवस्थाएं पूरी नहीं हो पाई हैं। एक-दो दिन में खरीद शुरू कर दी जाएगी। केंद्र प्रभारी का यह जवाब बताता है कि खरीद शुरू करने के लिए जरूरी तैयारियां अब तक पूरी नहीं हो सकी हैं। सवाल यह है कि जब खरीद की जिम्मेदारी पहले से तय थी तो व्यवस्थाएं समय रहते क्यों नहीं जुटाई गईं?
नरायनपुर विक्रमपुर में भी तौल नहीं, फोन पर मिला आश्वासन
नरायनपुर विक्रमपुर स्थित क्रय केंद्र पर मौके से धान खरीद की स्थिति देखी गई तो वहां भी तौल होती नहीं दिखाई दी। खरीद की तैयारियां भी नजर नहीं आईं। फोन पर संपर्क करने पर केंद्र प्रभारी ने बाहर होने की बात कहते हुए बताया कि आज से धान खरीद शुरू होगी। कई दिन बीतने के बाद भी खरीद शुरू होने को लेकर आश्वासन मिलना व्यवस्था की तैयारियों पर सवाल खड़े करता है। अन्य केंद्रों की स्थिति भी स्पष्ट नहीं हो सकी।
केंद्र खोलने तक सीमित न रह जाए सरकारी व्यवस्था
अब सवाल यह है कि क्रय केंद्र स्थापित होने के बाद उनकी तैयारियों का निरीक्षण किसने किया? क्या संबंधित अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर धर्मकांटे, तौल व्यवस्था, जरूरी संसाधनों और केंद्रों के बोर्ड की स्थिति देखी? यदि खरीद की तैयारियां अधूरी थीं तो समय रहते इन्हें पूरा कराने के प्रयास क्यों नहीं किए गए?
किसानों को सरकारी खरीद का लाभ दिलाने के लिए केवल केंद्रों की सूची जारी करना या कागजों पर व्यवस्था दिखाना पर्याप्त नहीं है। प्रशासन को मौके पर जांच कर खरीद की तैयारियां पूरी करानी चाहिए और जिम्मेदारों से जवाब तलब करना चाहिए। किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए भटकना न पड़े, इसके लिए जरूरी है कि केंद्रों पर व्यवस्था दुरुस्त हो और खरीद वास्तव में शुरू हो।




