Shahjahanpur news : धान खरीद में बिचौलियों की सक्रियता के आरोप, बारिश से परेशान किसानों की बढ़ी मुश्किल
बारिश से खेतों में जलभराव और सरकारी धान खरीद व्यवस्था की धीमी रफ्तार ने किसानों की परेशानी बढ़ा दी है।

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shahjahanpur
9:05 PM, October 6, 2026
- सरकारी खरीद व्यवस्था की सुस्ती के बीच औने-पौने दाम पर फसल बेचने को मजबूर होने का किसानों ने लगाया आरोप
राहुल शुक्ला ब्यूरो
खुटार, शाहजहांपुर। बारिश से खेतों में जलभराव और सरकारी धान खरीद व्यवस्था की धीमी रफ्तार ने किसानों की परेशानी बढ़ा दी है। आरोप है कि किसानों की इसी मजबूरी का फायदा उठाकर क्षेत्र में कुछ आढ़ती और बिचौलिए कम कीमत पर धान खरीदने की कोशिश कर रहे हैं। किसानों का कहना है कि समय पर सरकारी खरीद केंद्रों पर सुचारु खरीद शुरू न होने से उन्हें स्थानीय खरीदारों का सहारा लेना पड़ रहा है।
खुटार नगर से जुड़े पूरनपुर, बंडा और पुवायां मार्ग पर धान खरीद को लेकर गतिविधियां बढ़ने की बात सामने आ रही है। किसानों का आरोप है कि कुछ स्थानीय खरीदार तत्काल भुगतान का भरोसा देकर बाजार भाव से कम कीमत पर धान खरीदने का दबाव बना रहे हैं। सरकारी खरीद केंद्रों पर आसानी से बिक्री की सुविधा उपलब्ध न होने के कारण किसान अपनी उपज का उचित मूल्य तय कराने की स्थिति में नहीं हैं।
खेतों में पानी, हाथ में तैयार फसल और सामने आर्थिक मजबूरी
हाल की बारिश ने धान किसानों की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। कई खेतों में जलभराव के कारण कटाई प्रभावित होने की बात कही जा रही है। फसल निकालने में देरी के साथ किसानों पर घरेलू खर्च और आगामी कृषि कार्यों का दबाव भी है। ऐसे में कुछ किसान मजबूरी में स्थानीय स्तर पर ही धान बेचने को तैयार हो रहे हैं।
किसानों का कहना है कि यदि सरकारी खरीद केंद्र समय से प्रभावी तरीके से संचालित हों और वहां धान की खरीद आसानी से हो तो उन्हें कम कीमत पर अपनी उपज बेचने की नौबत नहीं आएगी।
निगरानी व्यवस्था पर भी उठे सवाल
किसानों की ओर से कम कीमत पर धान खरीदने के आरोप लगाए जाने के बाद क्षेत्र की खरीद व्यवस्था और निगरानी को लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। किसानों का कहना है कि यदि निर्धारित व्यवस्था के विपरीत खरीद या बिचौलियों की सक्रियता की शिकायतें मिल रही हैं तो संबंधित विभाग को मौके पर पहुंचकर जांच करनी चाहिए।
किसानों ने प्रशासन से क्षेत्र में धान खरीद की गतिविधियों की जांच कराने, सरकारी क्रय केंद्रों को प्रभावी ढंग से संचालित कराने और किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाने की मांग की है।
फिलहाल मामला जांच और प्रशासनिक निगरानी का है। यदि किसानों द्वारा लगाए गए आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जरूरत होगी, ताकि उनकी मेहनत की फसल उचित मूल्य से कम पर न बिके।




