Mirzapur News : हाईवा पास कराने के नाम पर ₹10 हजार रिश्वत लेते वन दरोगा रंगेहाथ गिरफ्तार, वन विभाग में मचा हड़कंप
प्रदेश में भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रहे अभियान के बीच मिर्जापुर में एंटी करप्शन टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए वन विभाग के एक दरोगा को दस हजार रुपये रिश्वत लेते रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया। कार्रवाई के.....

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9:40 AM, May 14, 2026
जनपद न्यूज ब्यूरो
मिर्जापुर । प्रदेश में भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रहे अभियान के बीच मिर्जापुर में एंटी करप्शन टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए वन विभाग के एक दरोगा को दस हजार रुपये रिश्वत लेते रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया। कार्रवाई के बाद वन विभाग में हड़कंप मच गया। आरोपी वन दरोगा पर बालू व्यवसायी से हाइवा पास कराने और कार्रवाई न करने के नाम पर लगातार अवैध वसूली का दबाव बनाने का आरोप है।
जानकारी के अनुसार कौशांबी जनपद के थाना सराय आकिल क्षेत्र के बहुगरी गांव निवासी राजेंद्र सिंह मध्य प्रदेश से दो हाइवा के माध्यम से बालू लाकर व्यापार करते हैं। आरोप है कि कैमूर वन रेंज में तैनात वन दरोगा सूरज पाण्डेय उनके वाहनों को बार-बार रोककर प्रति माह मोटी रकम की मांग करता था। विरोध करने पर हाइवा सीज कराने और कार्रवाई की धमकी दी जा रही थी।
बताया गया कि अप्रैल माह में भी वन दरोगा ने पुराने वन रेंज कार्यालय के सामने एक हाइवा को रोक लिया था। चालक द्वारा सूचना देने पर वाहन स्वामी राजेंद्र सिंह ने दरोगा से बातचीत की, जहां पहले प्रति हाइवा पांच हजार रुपये की मांग की गई, लेकिन बाद में रकम बढ़ाकर दस हजार रुपये प्रति वाहन कर दी गई। पीड़ित व्यवसायी ने आरोप लगाया कि एक बार 20 हजार रुपये पहले भी दिए जा चुके थे, बावजूद इसके वन दरोगा लगातार रिश्वत के लिए दबाव बना रहा था।
आखिरकार परेशान होकर व्यवसायी ने पूरे मामले की शिकायत एंटी करप्शन टीम मिर्जापुर से कर दी। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए एंटी करप्शन टीम के प्रभारी अशोक कुमार और अनिल कुमार सिंह ने जाल बिछाया। बुधवार की शाम करीब पांच बजे हलिया स्थित पुराने वन रेंज कार्यालय के आवासीय परिसर में जैसे ही वन दरोगा सूरज पाण्डेय रिश्वत की रकम ले रहा था, टीम ने मौके पर पहुंचकर उसे रंगेहाथ दबोच लिया।
गिरफ्तारी के बाद एंटी करप्शन टीम आरोपी वन दरोगा को हलिया थाने ले आई, जहां उसके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
इस कार्रवाई के बाद वन विभाग में खलबली मच गई है। वहीं क्षेत्र में यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है कि अवैध वसूली और रिश्वतखोरी के खिलाफ अब एजेंसियां लगातार सख्त रुख अपनाए हुए हैं।




