FCRA संशोधन बिल को लेकर बसपा का विपक्ष पर निशाना, कहा- राजनीतिक स्वार्थ से ऊपर उठकर जनहित के मुद्दे उठाए विपक्ष
बहुजन समाज पार्टी (बसपा) ने FCRA संशोधन बिल को संयुक्त संसदीय समिति (JPC) को भेजे जाने के घटनाक्रम पर विपक्ष की रणनीति पर सवाल उठाए हैं।

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10:23 AM, August 13, 2026
नई दिल्ली । विदेशी अंशदान नियमन अधिनियम (FCRA) में प्रस्तावित संशोधनों को लेकर राजनीतिक घमासान तेज हो गया है। बहुजन समाज पार्टी (बसपा) ने FCRA संशोधन बिल को संयुक्त संसदीय समिति (JPC) को भेजे जाने के घटनाक्रम पर विपक्ष की रणनीति पर सवाल उठाए हैं। बसपा का कहना है कि सरकार इस विधेयक को बेहद महत्वपूर्ण बताते हुए जल्द पारित कराना चाहती थी, लेकिन विपक्ष के विरोध के चलते इसे प्रारंभिक चर्चा के बिना ही JPC को भेज दिया गया।
बसपा के मुताबिक कांग्रेस और उसके सहयोगी दल FCRA संशोधन बिल को अल्पसंख्यक विरोधी बताते हुए इसे वापस लेने की मांग कर रहे हैं। वहीं सरकार का तर्क है कि विदेश से आने वाली फंडिंग के उपयोग में कथित अनियमितताओं और भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने के लिए कानून में कठोर बदलाव जरूरी हैं। पार्टी का कहना है कि इस पूरे मामले में सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों ने विधेयक का राजनीतिकरण अधिक कर दिया है।
बसपा ने कहा कि बेहतर होता यदि विपक्ष विधेयक को संसद में पेश किए जाने के दौरान सदन को चलने देता और उसकी कमियों तथा संभावित प्रभावों को सदन के सामने रखता। इससे देश की जनता को भी विधेयक के प्रावधानों और विपक्ष की आपत्तियों की जानकारी मिलती। लेकिन संसद की कार्यवाही बाधित होने के कारण ऐसा नहीं हो सका।
पार्टी ने आरोप लगाया कि संसद की कार्यवाही बाधित होने के बीच सरकार को कई अन्य विधेयकों को कम समय में पारित कराने का अवसर मिल गया। बसपा के अनुसार, विपक्ष को जिन विधेयकों के प्रावधानों पर विस्तार से चर्चा करनी चाहिए थी, उन पर पर्याप्त बहस नहीं हो सकी। पार्टी ने इसे विपक्ष की रणनीति पर गंभीर सवाल बताया और कहा कि इससे सरकार को राजनीतिक रूप से लाभ मिल रहा है।
बसपा ने यह भी कहा कि मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों में विपक्ष का ध्यान Gen-Z से जुड़े मुद्दों पर अधिक केंद्रित दिखाई दे रहा है। पार्टी का मानना है कि युवाओं की समस्याएं महत्वपूर्ण हैं, लेकिन उनके साथ-साथ आम जनता से जुड़े अन्य जनहित के मुद्दों को भी समान प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
राम मंदिर के चढ़ावे में कथित गड़बड़ी का मुद्दा उठाने की मांग
बसपा ने अयोध्या स्थित राम मंदिर के चढ़ावे में कथित गड़बड़ी और भ्रष्टाचार के आरोपों का मुद्दा भी संसद में उठाए जाने की मांग की है। पार्टी का कहना है कि इस विषय पर संसद में चर्चा होना जरूरी है और विपक्ष को इसे राजनीतिक स्वार्थ से ऊपर उठकर प्रमुखता से उठाना चाहिए था। हालांकि, बसपा के अनुसार, विपक्ष ने इस मुद्दे को पीछे कर दिया है।
बसपा ने कहा कि संसद में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच चल रही राजनीतिक खींचतान के बीच देश की जनता को सजग रहने की जरूरत है। पार्टी ने दावा किया कि बहुजन समाज पार्टी ही डॉ. भीमराव आंबेडकर के विचारों और ‘सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय’ की नीति एवं सिद्धांतों के आधार पर जनहित के मुद्दों को प्राथमिकता देती है।




