Friday , September 30 2022

संदिग्ध परिस्थिति में दो बहन व एक भाई की मौत, पहाड़ी की तलहटी में मिला शव

शान्तनु कुमार/अखिलेश सिंह/विनय सिंह 

– पुलिस ने विज्ञप्ति जारी कर बताया आत्महत्या

– सौतेली मां ने थाने में दी थी बच्चों के घर से निकल जाने की तहरीर

– गांव वालों से पूछताछ में आत्महत्या की बात आई सामने

सोनभद्र । मांची थाना क्षेत्र के भैंस पाहवा पहाड़ी के तलहटी में संदिग्ध परिस्थिति में पानी के अंदर दो बहन व एक भाई सहित तीन बच्चों के शव मिलने के बाद हड़कम्प मच गया । पुलिस ने तीनों शवों को बरामद कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।

पुलिस ने विज्ञप्ति जारी कर बताया कि बुधवार की शाम 5:00 बजे शहजादी पत्नी अमरेश, निवासी सोमा ने थाना मांची पर सूचना दी गयी कि 12 सितम्बर की दोपहर से उसकी बेटी कृष्णा उम्र लगभग 18 वर्ष नाराज होकर चंदन 4 वर्ष व पुत्री उजाला ढाई वर्ष को साथ लेकर चली गई है । जिसके बाद पुलिस द्वारा थाना मांची पर मुकदमा अपराध संख्या 53/ 22 धारा 363 आईपीसी पंजीकृत किया गया । पुलिस ने जारी विज्ञप्ति में बताया कि तीनों बच्चों के खोजबीन के दौरान ग्राम वालों से पूछताछ पर बताया कि शहजादी कृष्णा की सौतेली मां थी, जिससे कृष्णा का अक्सर विवाद होता था । इसी बात से नाराज होकर कृष्णा दोनों बच्चों को लेकर चली गई और भैंस बहवा पहाड़ी से नीचे कूदकर दोनों बच्चों के साथ आत्महत्या कर ली है ।
गुरुवार की देर शाम पुलिस ने भैंस बहवा पहाड़ी के तलहटी से बरामद कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया । पुलिस ने बताया कि मौके पर शान्ति एवं कानून व्यवस्था कायम है ।

बहरहाल पुलिस ने विज्ञप्ति जारी कर भले ही ग्रामीणों के बयान के आधार पर आत्महत्या बता रही हो लेकिन पुलिस द्वारा जारी विज्ञप्ति में कई सवाल भी खड़े हो रहे हैं जिसका जबाब या खुलासा होना बाकी है ।

इस घटना में बताया गया कि मृतक बच्चों की सौतेली मां शहजादी बुधवार को थाने पर आकर तीनों बच्चों के लापता होने की जानकारी दी जबकि बच्चे 12 तारीख से लापता थे । आखिर दो दिनों तक क्यों इंतजार किया गया, यदि तत्काल खोजबीन किया गया होता तो शायद बच्चे मिल जाते ।
पुलिस की विज्ञप्ति के मुताबिक गांव वालों ने पूछताछ में बताया कि तीनों बच्चों की उसकी सौतेली मां से विवाद होता था, उसी से तंग आकर तीनों बच्चों ने भैंस बहवा पहाड़ी से कूद कर आत्महत्या कर ली । लेकिन यहां सवाल यह उठता है कि तीनों बच्चों को पहाड़ी से कूदते किसने देखा है और कब देखा है? सवाल यह भी उठता है कि जिसने बच्चों को आत्महत्या करते देखा उसने पुलिस को तत्काल सूचना क्यों नहीं दी ।
कुल मिलाकर बच्चों की मौत का पूरा मामला तब तक संदिग्ध है जब तक कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट नहीं आ जाता । क्योंकि पूरी स्थिति पोस्टमार्टम रिपोर्ट से ही साफ हो सकेगी । अब सबकी निगाह पोस्टमार्टम पर रहेगी ।

Powered by themekiller.com anime4online.com animextoon.com apk4phone.com tengag.com moviekillers.com