Wednesday , September 28 2022

नेत्र रोगियों के जीवन में रोशन कर रहा स्वास्थ्य विभाग

– 4056 मोतियाबिंद के मरीजों को फिर से मिली नेत्र ज्योति
– राष्ट्रीय दृष्टि विहीनता एवं दृष्टि दोष नियंत्रण कार्यक्रम के तहत लोगों को नेत्र रोग से मिल रही निजात
लखीमपुर खीरी। स्वास्थ्य विभाग नेत्र रोगियों को लेकर बेहद संजीदा है। राष्ट्रीय दृष्टि विहीनता एवं दृष्टि दोष नियंत्रण कार्यक्रम के तहत अब तक चार हजार से अधिक नेत्र रोगियों के ऑपरेशन करा कर उनकी जिंदगी में नई रोशनी भरने का काम किया गया है। इस कार्यक्रम को लेकर चलाए गए अभियान में कुछ संस्थाओं ने भी स्वास्थ्य विभाग के साथ कंधे से कंधा मिलाकर बेहतर काम किया है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अरुणेंद्र कुमार त्रिपाठी ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग राष्ट्रीय दृष्टि विहीनता एवं दृष्टि दोष नियंत्रण कार्यक्रम राष्ट्रीय दृष्टि विहीनता एवं दृष्टि दोष नियंत्रण कार्यक्रम के नोडल अधिकारी एसीएमओ डॉ. अनिल कुमार गुप्ता की देखरेख में संचालित हो रहा है। जिसके जरिए नेत्र रोगियों खासतौर से मोतियाबिंद के मरीजों का इलाज किया जाता है। उन्होंने बताया कि वैसे तो स्वास्थ्य विभाग स्वयं नेत्र रोग विभाग संचालित कर ऐसे रोगियों का ऑपरेशन व इलाज करता है। जिसके चलते जिले की सभी सीएचसी पर नेत्र परीक्षण की सुविधाएं उपलब्ध है, लेकिन मोतियाबिंद के रोगियों को और बेहतर सुविधाओं के साथ इलाज कराने के लिए कुछ स्वयंसेवी संस्थाओं का भी सहयोग लिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि जिले में डॉ श्रॉफ चैरिटेबल आई हॉस्पिटल सहदेवा मोहम्मदी खीरी, दशमेश चैरिटेबल हॉस्पिटल, लायंस क्लब उपकार लखीमपुर खीरी व शंकरा आई हॉस्पिटल भी स्वास्थ्य विभाग के साथ मिलकर मोतियाबिंद के मरीजों का बेहतर इलाज कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि इस वित्तीय वर्ष में अब तक चार हजार से अधिक मोतियाबिंद के मरीजों का सफल ऑपरेशन किया गया है।
बेहतर इलाज के लिए ली जा रही संस्थाओं की मदद राष्ट्रीय दृष्टि विहीनता एवं दृष्टि दोष नियंत्रण कार्यक्रम के नोडल अधिकारी एसीएमओ डॉ अनिल कुमार गुप्ता बताते हैं कि नेत्र रोगियों के बेहतर इलाज के लिए इन संस्थाओं के साथ मिलकर काम किया जा रहा है। विभागीय अधिकारी इन संस्थाओं के साथ बराबर समन्वय बनाए रखते हैं। मरीजों की संख्या, उनके इलाज और दी जाने वाली स्वास्थ्य सुविधाओं पर बराबर नजर रखी जाती है, ताकि नेत्र रोगियों के इलाज में किसी तरह की लापरवाही या गड़बड़ी न हो सके।
4056 मरीजों का हुआ सफल इलाज
कार्यक्रम के नोडल अधिकारी डॉ. अनिल कुमार गुप्ता का कहना है कि इस वित्तीय वर्ष में 4056 मोतियाबिंद के रोगियों का इलाज किया गया है। जिला अस्पताल में तैनात नेत्र चिकित्सक पूनम वर्मा व डॉ रामअवध चक्रवर्ती ने 604 मोतियाबिंद के मरीजों का सफल इलाज किया है। इसके अलावा कई स्वयंसेवी संस्थाओं ने भी 3452 लोगों के ऑपरेशन किए हैं।

Powered by themekiller.com anime4online.com animextoon.com apk4phone.com tengag.com moviekillers.com