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बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का यू-टर्न, भाजपा छोड़ राजद के साथ बनाएंगे सरकार

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने एक बार फिर से यू-टर्न ले लिया है । यह पहली बार नहीं है जब नीतीश कुमार एनडीए से अलग होकर राजद के साथ सरकार बनाये हों, इसके पहले वह भी वह उस राजद के साथ सरकार बनाए और 2017 में भ्रष्टाचार के मुद्दे पर अलग हो गए थे । अब नीतीश कुमार ने पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी से कहा कि 2017 में जो कुछ हुआ उसे भूल जाइए ।

बिहार में जनता दल यूनाइडेट के साथ गठबंधन करने को लेकर राष्ट्रीय जनता दल के नेता तेजस्वी यादव ने मंगलवार शाम पटना में मीडिया से बात की । इस दौरान उनके साथ नीतीश कुमार भी थे । मीडिया से बातचीत के दौरान तेजस्वी यादव ने बीजेपी पर जमकर हमला बोला । उन्होंने कहा कि इतिहास बताता है कि बीजेपी जिसके साथ रहती है उसे पहले खत्म कर देती है । बिहार में भी कुछ वैसी ही तैयारी थी।

तेजस्वी ने इस दौरान देश में मौजूद मंहगाई और राष्ट्रीय सुक्षा का भी मुद्दा उठाया । उन्होंने कहा कि आज देश में जैसी महंगाई है, उसकी वजह से आम लोगों का दो वक्त की रोटी तक जुटा पाने में मुश्किल हो रही है । गरीब त्रस्त है।

राजभवन पहुंचकर सीएम पद से इस्तीफा देने के बाद नीतीश कुमार जब तेजस्वी यादव से मिलने राबड़ी देवी के आवास पहुंचे तो उनका अंदाज कुछ बदला बदला नजर आया । अकसर आरजेडी के शासनकाल को जंगलराज बताने वाले नीतीश कुमार उसके प्रति काफी नरम दिखे। यही नहीं आरजेडी के साथ मिलकर आगे बढ़ने की बातें भी कीं। उन्होंने राबड़ी देवी के आवास पर कहा कि आइए नई शुरुआत करते हैं। जो कुछ हुआ, उसे भूलकर हमें आगे बढ़ना है। बिहार के लिए काम करना है। यही नहीं 2017 में आरजेडी से गठबंधन तोड़ने को लेकर नीतीश कुमार ने अफसोस भी जताया।

बिहार की राजनीति पर नजर रखने वाले मानते हैं कि नीतीश कुमार की रणनीति ने भाजपा को इस बार करारा झटका दिया है। कहा जा रहा है कि नीतीश कुमार को बिहार की सियासत में अमित शाह के बढ़ते दखल से दिक्कत थी। लेकिन वह उनकी काट नहीं निकाल पा रहे थे। इसकी वजह यह थी कि एक तरफ भाजपा की सेंट्रल लीडरशिप उनकी सुनने को तैयार नहीं थी तो वहीं प्रदेश स्तर के नेता उन पर हमला बोलते थे। ऐसे में नीतीश कुमार ने पाला बदलने का ही फैसला कर लिया।

इस बीच भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष संजय जायसवाल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर नीतीश कुमार पर धोखे का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार ने जनता और भाजपा को धोखा दिया है।

नीतीश के फैसले पर बोलते हुए केंद्रीय मंत्री व भाजपा नेता रवि शंकर प्रसाद ने कहा कि नीतीश कुमार 2020 का चुनाव नरेंद्र मोदी की अगुवाई में जीते थे या नहीं ? जब नरेंद्र मोदी के नाम पर जीते थे तो आज बिहार के लोगों के समर्थन का अपमान किया है… ये क्या बात है? अगर आपको भाजपा परेशान कर रही थी तो 2 साल से रूके हुए क्यों थे ।

बिहार की राजनीति में नीतीश कुमार का कोई दूसरा जोड़ नहीं है । बिहार के राजनीति की हकीकत को देखते हुए अभी तक भाजपा नीतीश कुमार को बिहार में सबसे आगे रखती थी । लेकिन अब ऐसा ही महत्व क्या राजद से भी मिलेगा । राज्य में दोनों दलों का अपना-अपना जनाधार है । जो एक दूसरे के विरोध में भी रहता है ।

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