Monday , October 3 2022

फर्जी रिलीजिंग आर्डर पर ट्रक छोड़े जाने का मामला : एआरटीओ ने एफआईआर दर्ज करने के लिए थाने में दी तहरीर

शान्तनु कुमार/आनंद कुमार

सोनभद्र । फर्जी रिलीजिंग आर्डर दिखाकर ट्रकें छुड़ा लिए जाने के मामले में परिवहन विभाग थाने में एफआईआर दर्ज करने के लिए तहरीर में दे दी है लेकिन समाचार लिखे जाने तक एफआईआर दर्ज नहीं हुआ है । परिवहन अधिकारी ने बताया कि एफआईआर दर्ज करने के लिए तहरीर दी गई है लेकिन अभी तक मामला दर्ज नहीं हुआ है। लेकिन जब एआरटीओ से यह पूछा गया कि कितने लोगों पर और किस थाने में तहरीर दी गई तो इस पर उन्होंने चुप्पी साध ली । यानी कुल मिलाकर यह कहा जा सकता है कि प्रशासन इस पूरे मामले को लेकर गोपनीयता बरत रहा है और प्रशासन नहीं चाह रहा है कि इस मामले में मीडिया को कोई जानकारी हो सके । लेकिन जिस तरह से यह पूरा खेल खेला गया उससे एक बात तो साफ है कि परिवहन विभाग से लेकर पुलिस विभाग में हड़कंप मचा हुआ है और हर हर कोई अपना रिकार्ड दुरुस्त करने में जुटा हुआ है । सूत्रों की माने तो परिवहन विभाग में 2021 में छोड़े गए एक ट्रक का जुर्माना अभी कुछ दिन पहले ही जमा कराया गया । इससे साफ है कि प्रशासन अभी अपने रिकॉर्ड को खंगालने और उसे दुरुस्त करने में जुटा हुआ है लेकिन जिस तरह से इस पूरे भ्रष्टाचार को लेकर जिलाधिकारी खफा है उससे यह तो साफ है कि यह मामला दब नहीं पाएगा और इस मामले में बड़ी कार्रवाई हो सकती है । इस पूरे खेल में पुलिस विभाग भी सकते में है । अभी शुरुआत में डाला व म्योरपुर से जांच की शुरुआत की गई है और शुरुआती जांच में जिस तरह से बड़ा खेल उजागर हुआ उससे बाकी उन थानों और चौकियों में भी हड़कंप की स्थिति बनी हुई है जहां चेकिंग के दौरान ट्रकें बंद की गई थी । सूत्रों के मुताबिक जिस तरह से 386 ट्रकों को छोड़े जाने का मामला सामने आ रहा है वह कहीं ना कहीं पूरे जिले की जांच में सामने आ सकता है । क्योंकि एआरटीओ का कहना है कि इस पूरे प्रकरण में वक्त लगेगा लेकिन 1 महीने में एआरटीओ रिटायर होने वाले हैं, तो क्या 1 महीने के अंदर यह पूरी जांच खत्म हो जाएगी या फिर एआरटीओ के रिटायरमेंट के बाद भी यह जांच चलती रहेगी । बड़ा सवाल तो यह भी है कि लंबे समय से सोनभद्र में आरटीओ प्रशासन का पद खाली चल रहा है लेकिन जिस तरह से एआरटीओ प्रवर्तन को यह चार्ज देकर काम चलाया जा रहा है उस पर भी कहीं ना कहीं सवाल खड़े हो रहे हैं, कि आखिर ऐसी कौन सी मजबूरी है कि दोनों काम एक ही व्यक्ति से लिया जा रहा है और वह भी ऐसे व्यक्ति से जो 1 महीने में रिटायर होने वाले हैं । सही मायने में रिटायर के नजदीक व्यक्तियों को ऑफिस से अटैच किया जाना चाहिए ताकि वे अपनी देय कागजी कार्रवाई को पूरा कर सकें ।

बहरहाल अब देखना यह है कि एआरटीओ द्वारा दिया गया एफआईआर कब दर्ज होता है और कितने लोगों पर दर्ज होता है ?

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