Monday , October 3 2022

परिवहन माफिया फर्जी रिलीजिंग ऑर्डर पर छुड़ाते रहे गाड़ियां और हुजूर अफसरशाही दिखाते रह गए

शान्तनु कुमार

फाइल फोटो

फर्जी रिलीज आर्डर के आधार पर सैकड़ों बन्द ट्रकों को छोड़े जाने के मामले में पुलिस विभाग सकते में है । चेकिंग के दौरान तमाम थानों पर ट्रकें बन्द होती रही हैं और इसकी सुपुर्दगी चौकी व थानों को दी जाती थी । लेकिन जिस तरह से परिवहन माफिया पुलिस को चकमा देकर अपनी गाड़ियां छुड़ा ले गए यह बात किसी को हजम नहीं हो रहा ।

योगी सरकार की तेज तर्राक पुलिस जिसकी चर्चा बाहर भी होती है आखिर वह कैसे गच्चा खा गयी यह बात लोगों के गले नहीं उतर रहा ।

कहा जाता हैं कि पुलिस की पैनी निगाह बहुत तेज होती है, जिसे एक बार देख ले उसे नहीं भूलती । लेकिन इस गोरखधंधे में जिस तरह से पुलिस फंसी हुई है, उसे क्या माना जाय कि क्या गाड़ी छुड़ाने वाला कोई नया चेहरा था या फिर पुलिस की पैनी निगाह अब माफियाओं को देख नहीं पा रही, या फिर अंदरखाने में कोई और बात है । फिलहाल यह तो जांच में साफ हो जाएगा ।

परिवहन विभाग की बात करें तो वह पहले से ही बदनाम रहा है, इसलिए कार्यालय के प्रवेश द्वार पर लिखवाना पड़ा दलालों का प्रवेश वर्जित और सीएम तक को कहना पड़ा कि दलाली न होने पाए । यानी यह जग जाहिर है कि परिवहन विभाग में दलाली चरम पर है ।

दलाली इस कदर की कि बिना गए आपका लाइसेंस तक बन जाता है । लेकिन फर्जी रिलीजिंग आर्डर पर बंद गाड़ियों के छोड़े जाने के मामले में विभाग व परिवहन माफियाओं के गठजोड़ ने नटवरलाल को भी पीछे छोड़ दिया ।

कुल मिलाकर परिवहन विभाग ने अभी थाना म्योरपुर व डाला चौकी से ही अपनी जांच शुरू की है। शायद इसलिए कि परिवहन विभाग को पता होगा कि चेकिंग के दौरान सबसे ज्यादा गाड़ियां यहाँ बन्द हुई । लेकिन अब जब मामला खुल रहा है तो इन थाना-चौकियों के लिए यह मुसीबत बन गयी । अब यह तो आगे ही पता चल सकेगा कि इन थाने-चौकी पर तैनात इंचार्ज माफियाओं के झांसे में कैसे आ गए ।

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