Monday , September 26 2022

आस्था या अंधविश्वास : महिला ने एक पत्थर को बताया हनुमान, कहा- स्वप्न में दिखे थे प्रभु

रमेश यादव (संवाददाता)

दुद्धी । कहा जाता है कि आस्था व अंधविश्वास के बीच की डोर इतनी बारीक होती है कि कई बार पता भी नहीं चलता कि यह आस्था है या अंधविश्वास । दुद्धी क्षेत्र में एक ऐसा मामला सामने आया है जिसे लेकर पूरे दिन चर्चा होती रही ।

दरअसल बभनी के घघरा निवासी एक महिला को सपने में हनुमान जी ने दर्शन दिया कि लौवा नदी में चट्टानों के बीच वह शिलाखंड के रूप में फंसे हैं, उन्हें वहां से निकालकर गांव लाया जाए और मंदिर बनाया जाए तो हर मनोकामना पूरी होगी।
बताया जाता है कि सपने के अगले ही दिन महिला परिवार के साथ उक्त स्थान पर शिलाखंड को खोजना शुरू किया और सफल भी हो गई। यह जानकारी जैसे ही कुछ लोगों तक पहुंची पूरे इलाके में खबर आग की तरह फैल गयी ।फिर क्या शिलाखंड को देखने के लिए लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी ।

जानकारी के मुताबिक दुद्धी ब्लॉक में मल्देवा गांव के करमदाड़ टोला में आज पूरे दिन लोगों का जमावड़ा लगा रहा । दरअसल बभनी ब्लाक के घघरा की रहने वाली राजपति की पत्नी बिंदु गोंड़ को तीन दिन पहले सपने में हनुमान जी आये थे और बताया कि मैं लवकुश मंदिर के कुछ ऊपर नदी में चट्टानों के बीच दबा हुआ हूं। तुम वहां से ले आकर यहां मंदिर बनवाओ। तुम्हारी सभी मनोकामना पूर्ण होगी। तीन दिनों से महिला परिवार वालों के साथ सपने में आये स्थल के आसपास शिलाखंड को खोजने लगी। जिसके बाद उसे वह स्थान मिल गया और दो चट्टानों के बीच से स्वप्न में आये पत्थर को ढूंढ निकाला। हनुमान के मुख जैसी आकृति वाले शिलाखंड को देखकर उसके परिवार वाले भी हैरान रह गए। इस तरह से सपने में आए शिलाखंड के मिलने की बात कुछ लोगों को पता चली तो लोगों की भीड़ जुट गई। मौके पर ही लोगों ने पूजा पाठ शुरू कर दिया। विधि विधान से पूजन अर्चन करके गाजे-बाजे के साथ शिलाखंड को गांव ले जाने की तैयारी शुरू हो गई।

इस बारे में मल्देवा गांव के प्रधान प्रतिनिधि निरंजन जायसवाल ने बताया कि बभनी घघरा से आदिवासी महिला आयी है जो नदी में स्थित एक पत्थर को हनुमान जी का रूप मानकर पूजा अर्चना कर रही है। उस आस्था के स्वरूप पत्थर को देखने के लिए आसपास के कई गांवों के हजारों पुरुष व महिलाओं की भीड़ उमड़ी हुई है। उन्होंने बताया कि उक्त महिला का दावा है कि स्वपन के आधार पर हनुमान जी मिले हैं।

Powered by themekiller.com anime4online.com animextoon.com apk4phone.com tengag.com moviekillers.com