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1986 में 11 लोगों ने शुरू की थी कांवड़ यात्रा, आज बन गया जनसैलाब- डॉ.परमेश्वर दयाल श्रीवास्तव “पुष्कर”

राजकुमार गुप्ता (संवाददाता)

घोरावल । विंध्यमण्डल में शैव साधना के प्रधान केंद्र शिवद्वार में तय तिथि समय के अनुसार आज 4 बजे अखण्ड ज्योति प्रज्वलित कर इसका शुभारंभ किया गया। सोनभद्र के शिवद्वार घोरावल में जहाँ सन 1986 से कांवड़ यात्रा की शुरुआत हुई थी 11 लोगों से जिसकी परिणति जनसैलाब के रूप में कावड़ियों की तादाद में तब्दील हो गई है तो आज से अनन्त काल तक अखण्ड दीप जाज्वल्यमान रहे यह संकल्प लिया गया। सोन विंध्य गंगा सेवा संस्कृति संस्थान के संस्थापक-संचालक डॉ.परमेश्वर दयाल श्रीवास्तव “पुष्कर” ने संपृक्त शिवा-शिव प्रतिमा का विधिवत पूजन- अर्चन कर शिवद्वार मंदिर गर्भगृह के आग्नेय कोण पर अखण्ड ज्योति जलाई। मंदिर के प्रधान पुजारी सुरेश गिरी व अजय गिरी ने विधिविधान से मंत्रोच्चार करते पूजन व दीप प्रज्वलन में सहभागिता निभाई। अखण्ड ज्योति प्रज्वलित करने में सहभागी रहे सुनील चौबे मण्डल अध्यक्ष, मनोज चौबे, श्रवण कुमार सिंह व संजय मोदनवाल।जबकि प्रशाल-परिसर में भक्तों की भीड़ श्रद्धा संपूरित उपस्थित रही व सब हर-हर महादेव, पार्वती पतये नमः का समन्वित जयघोष कर ध्वनि गुंजारित करते रहे गदगद भाव से।

गुरुपूर्णिमा को संध्या वेला में अखण्ड ज्योति प्रज्वलित करने के संदर्भ में डॉ.परमेश्वर दयाल श्रीवास्तव “पुष्कर” ने कहा कि मंदिरों-घरों में दीप जलाए जाने की प्राचीन परंपरा है और ज्योति चार अंगुल चतुर्दिक अपना ताप बनाये रखे, यह ज्यादा लाभकारी है। डॉ.परमेश्वर “पुष्कर” ने कहा कि अखण्ड ज्योति की बाती का भी विशेष महत्व है तो शास्त्रों के अनुसार हम अखण्ड ज्योति जलाने का मन में संकल्प लेते हैं और यहाँ मौजूद सभी लोग संकल्पित हैं जलते रहने के लिए अखण्ड ज्योति के। यह यहाँ शिवद्वार मंदिर के लिए नई सर्जना शुरू हुई है जो अनवरत चलती रहेगी अनन्त काल तक। “शुभ करोतु कल्याणमारोग्यं सुख सम्पदा” के भाव से अभिभूत है जनसमुदाय। डॉ.परमेश्वर ने कहा कि इस दक्षिण दिशा में आर्यावर्त का प्रवेश द्वार शिवद्वार है यहाँ से हरिद्वार व स्वर्गद्वार तक की यात्रा होती रही है अनादि काल से हो कैलाश मानसरोवर प्रान्त तक जाती है। उन्होंने कहा कि हम सभी का परम् सौभाग्य है कि आर्यावर्त प्रवेशद्वार मंदिर शिवद्वार में अखण्ड ज्योति प्रज्वलित करने का सुअवसर प्राप्त हुआ है। प्रधान पुजारी ने ऐसे पुण्यप्रदायी कार्य के शुभारंभ करने पर सबका अभिनंदन किया और समष्टि हित में बताया।

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