Friday , October 7 2022

जल्द शुरू होगी ‘ब्लड कंपोनेंट सेपरेशन यूनिट’, अब प्लेटलेट्स व प्लाज्मा के लिए नहीं लगानी होगी वाराणसी की दौड़

आनंद कुमार चौबे (संवाददाता)

यूनिट शुरू होने पर तीन लोगों को चढ़ाया जा सकेगा एक यूनिट खून

● ब्लड से रेड सेल के अलावा प्लेटलेट्स और प्लाज्मा कराया जाएगा तैयार

सोनभद्र । पुराने जिला अस्पताल स्थित ब्लड बैंक में जल्द ही ‘ब्लड कंपोनेंट सेपरेशन यूनिट’ शुरू करने की तैयारी है। यूनिट के लिए शासन स्तर से कुछ मशीनें भी भेजवाई गई है। यूनिट शुरू होने पर एक यूनिट खून तीन लोगों को चढ़ाया जा सकेगा। यूनिट में ब्लड से रेड सेल के अलावा प्लेटलेट्स और प्लाज्मा तैयार किया जाएगा। इसके लिए ब्लड बैंक से रेड सेल, प्लेटलेट्स अलग करने के लिए ब्लड बैंक में कार्यरत तीन लैब टेक्नीशियन को वाराणसी में छह से आठ जून तक प्रशिक्षण दिया गया है। प्रशिक्षण में मशीनों की पूरी जानकारी और ब्लड सेपरेशन करने की जानकारी दी गई थी।

जनपद में ब्लड कंपोनेंट सेपरेशन लैब न होने से अभी तक दिए जाने वाले रक्त का इस्तेमाल सिर्फ एक जिंदगी बचाने में ही होता था। यूनिट शुरू होने पर ब्लड से रेड सेल, प्लेटलेट्स और प्लाज्मा तैयार कराया जाएगा, जिससे एक यूनिट खून तीन लोगों को चढ़ाया जा सकेगा। कंपोनेंट सेपेरेशन यूनिट बनने से ब्लड से अब प्लाज्मा और प्लेटलेट्स आदि निकाला जा सकेगा। इससे डेंगू आदि के गंभीर मरीजों का यहीं पर इलाज संभव हो सकेगा। अभी तक उन्हें वाराणसी रेफर किया जा रहा था।

बताते चले कि जिला अस्पताल के ब्लड बैंक की क्षमता 500 यूनिट ब्लड रखने की है। औसतन प्रतिदिन 25-30 यूनिट ब्लड की यहां खपत होती है। जनपद में अब तक यहां ब्लड कंपोनेंट सेपरेशन यूनिट न होने के कारण एक यूनिट ब्लड एक ही मरीज के ही काम आता है। इसके साथ ही प्लेटलेट्स और प्लाज्मा आदि निकालने की सुविधा नहीं होने से डेंगू आदि के गंभीर मरीजों को इलाज के लिए वाराणसी रेफर करना पड़ता था। ब्लड कंपोनेंट सेपरेशन यूनिट में रक्त की एक यूनिट को चार अलग-अलग भाग में बांटा जा सकेगा। इसके बाद, जरूरतमंदों को रक्त के जरूरी तत्व ही दिए जाएंगे। घायलों और सिजेरियन केस में पीड़ितों को ब्लड चढ़ाने की जरूरत पड़ती है। वहीं, डेंगू व आग से जलने आदि कई मामलों में मरीजों को सिर्फ ब्लड के सहयोगी तत्व चढ़ाने की जरूरत होती है। ब्लड बैंक में ब्लड से तत्व अलग-अलग करने की सुविधा नहीं होने से दिक्कतें आती हैं। ब्लड कंपोनेंट सेपरेशन यूनिट में ब्लड से चार अलग-अलग तत्व निकाले जाएंगे। इसके बाद ब्लड के चार तत्वों में से जिस तत्व की जरूरत होगी, उसे वहीं तत्व दिया जाएगा।

सीएमएस डॉ0 के0कुमार ने बताया कि “पुराने जिला अस्पताल परिसर स्थित ब्लड बैंक के ठीक ऊपर बने कमरे में ब्लड कंपोनेंट सेपरेशन यूनिट शुरू कराने की तैयारी है। यूनिट में ब्लड से रेड सेल, प्लेटलेट्स और प्लाज्मा तैयार किया जाएगा। यूनिट के संचालन के लिए लैब टैक्नीशियनों का प्रशिक्षण पूरा हो चुका है। मशीन व अन्य उपकरण मिलने पर यूनिट शुरू की जाएगी।”

previous arrow
next arrow

Powered by themekiller.com anime4online.com animextoon.com apk4phone.com tengag.com moviekillers.com