Monday , October 3 2022

चोपन अस्पताल में जच्चा-बच्चा की मौत के मामले में सामने आई बड़ी लापरवाही, नहीं हुआ पोस्टमार्टम, सीएमओ ने दिए जांच के आदेश

घनश्याम पाण्डेय(संवाददाता)

परिजनों ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर जमकर किया हंगामा

● पुलिस के हस्तक्षेप से मामला हुआ शांत

चोपन । अभी रावर्ट्सगंज स्थित पंचशील हॉस्पिटल में महिला की मौत के मामले की जांच चल ही रही है कि बीती रात सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र चोपन में प्रसव के दौरान हुए जच्चा-बच्चा के मौत मामले के बाद स्वास्थ्य महकमे में हड़कम्प मच गया । मामला संज्ञान में आने के तुरंत बाद ही सीएमओ ने दो सदस्यी जाँच टीम गठित कर दिया है।

जानकारी के मुताबिक बुधवार की दोपहर में बिल्ली-मारकुंडी निवासी मधू (22वर्ष) पत्नी करन को प्रसव पीड़ा होने पर परिजनों द्वारा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र चोपन ले जाया गया। जहाँ देर रात प्रसव के दौरान प्रसुता की हालत बिगड़ने लगी, जिसके बाद उसे डॉक्टरों ने जिला अस्पताल के लिए रेफर कर दिया गया। जिला अस्पताल ले जाते समय जच्चा-बच्चा दोनों की मौत हो गई। जिसके बाद पीड़िता के परिजन देर रात दोनों के शव वापस लेकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र चोपन पहुँचे और डॉक्टरों पर प्रसव में लापरवाही का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा शुरू कर दिया। घटना की सूचना पर पहुंची चोपन पुलिस ने पीड़िता के परिजनों को समझा बुझाकर मामला शांत कराया ।

एसओ चोपन जा कहना है कि परिजन चोपन थाने नहीं आये, एसओ ने बताया कि उन्हें बता दिया गया था कि यदि आपको इलाज में लापरवाही लगती है तो शिकायत कीजियेगा । जिसके लिए वे मान गए थे ।

आज सुबह घटना की जानकारी होने पर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ0 रमेश सिंह ठाकुर ने डॉ0 जी0एस0यादव व डॉ0 रामकुंवर की दो सदस्यी टीम गठित कर मामले की जाँच करने का आदेश दे दिया।

इस बाबत सीएमओ डॉ0 रमेश सिंह ठाकुर ने बताया कि “मामला संज्ञान में है, जाँच के लिए टीम गठित की गई है। जाँच टीम की रिपोर्ट के आधार पर दोषियों के खिलाफ कार्यवाही की जाएगी ।

आपको बतादें कि अभी हाल ही में रावर्ट्सगंज स्थित पंचशील मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल में इलाज के दौरान एक महिला की मौत हो गयी थी, जिसमें भी परिजन लापरवाही की बात कह कर हंगामा किये थे । बाद में मीडिया में मामला आने के बाद जिलाधिकारी ने मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दे दिए हैं, जिसकी रिपोर्ट आना अभी बाकी है । लेकिन जिलाधिकारी ने जनता को आश्वस्त किया है कि जिले में कोई भी अवैध अस्पताल व पैथालॉजी नहीं चलेगी ।

बहरहाल चोपन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में जच्चा-बच्चा की हुई मौत के मामले में सीएमओ ने भले ही जांच टीम गठित कर दी हो मगर बड़ा सवाल यह उठता है कि जब मौत संदिग्ध परिस्थितियों हुई और चोपन पुलिस को मामले की पूरी जानकारी थी तो पोस्टमार्टम के लिए प्रयास क्यों नहीं किया गया । पोस्टमार्टम न किये जाने के लिए आखिर कौन जिम्मेदार है ? क्या इस घोर लापरवाही के लिए भी जिलाधिकारी मजिस्ट्रियल जांच के आदेश देंगे क्योंकि यहां लापरवाही से दो लोगों की जाने चली गईं ।

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