Thursday , September 29 2022

अपशिष्ट प्रबंधन के लिए मॉडल बनेंगी 32 ग्राम पंचायतें, डीएम ने कार्यशाला में दिया दिशा निर्देश

आनंद कुमार चौबे (संवाददाता)

ठोस और तरल अपशिष्ट प्रबंधन के लिए ग्राम स्वच्छता प्लान बनाने का दिया निर्देश

सोनभद्र । जनपद के 5 हजार आबादी से ज्यादा वाले 32 ग्राम पंचायतों को मॉडल बनाए जाने के लिए ग्राम प्रधान, सचिव, पंचायत सहायक, सफाई कर्मी, विकास खण्ड के अवर अभियंता, खण्ड प्रेरक और सहायक विकास अधिकारियों का एक दिवसीय कार्यशाला का शुभारंभ आज कलेक्ट्रेट सभा कक्ष में किया गया।

कार्यशाला में जिलाधिकारी चंद्र विजय सिंह ने बताया कि “भारत सरकार और उत्तर प्रदेश सरकार की मंशा है कि गांव में ठोस और तरल अपशिष्ट का बेहतर प्रबंधन किया जाय। स्वच्छ भारत मिशन फेज-1 के तहत लोगो को खुले में शौच के प्रति जागरूक किया गया जिससे आज जिले को खुले में शौच से मुक्ति मिल चुकी है। अब जरूरत है ग्राम पंचायतों में बिखरे कूड़े-करकट, गलियों में बहते घरों के पानी, सार्वजनिक हैंडपंप के पानी को व्यवस्थित करने की जिसके लिए लोगो को जागरूक करना होगा। चरण बद्ध तरीके से पूरे ग्राम पंचायत में घर-घर कूड़ा के संग्रहण और जहाँ पानी गलियों में फैल रहा है वहाँ सोखता गड्ढा बनाया जाएगा। घरेलू कम्पोष्ट पीट, सामुदायिक कम्पोष्ट पीट, घरेलू सोखता गड्ढा और सामुदायिक सोखता गड्ढा बनाया जाएगा। ग्राम पंचायत में सुविधा अनुसार कूड़ादान बनाया जाएगा। कूड़ा संग्रहण केन्द्र बना कर गांव के कूड़े को एक जगह इकट्ठा कर कंपोस्ट और वर्मी कंपोस्ट विधि से कूड़े से खाद भी बनाया जाएगा। कार्ययोजना को गंभीरता से बनाकर नगर पालिका और नगर पंचायत की तरह गांव को भी विकसित करने की दिशा में कार्य किया जाएगा।”

मुख्य विकास अधिकारी डॉ0 अमित पाल शर्मा ने बताया कि “ग्राम स्वच्छता कार्ययोजना बनाते समय इस बात का ध्यान रखे कि कूड़ा कहाँ से इकट्ठा किया जाना है और उसको हम प्रतिदिन संग्रहण केन्द्र तक पहुंचा सके। कूड़ा उठाने के लिए सभी ग्राम में ई-रिक्शा का भी प्रावधान किया जाना है। गांव में किस स्थान पर सोखता गड्ढा बनेगा, कहाँ कूड़ादान बनेगा और किस स्थान पर कूड़ा एकत्रीकरण सेड बनेगा यह ग्राम पंचायत लोगो के सहभागिता से चयन किया जाएगा। सभी सचिव ध्यान से कार्ययोजना को पूर्ण करें।”

वहीं जिला पंचायत राज अधिकारी विशाल सिंह ने बताया कि “ग्राम पंचायत में कूड़ा और सभी व्यवस्था के लिए सफाई कर भी लगाया जाना है, जिसका निर्धारण ग्राम सभा के खुली बैठक में किया जाय।”

कार्यशाला में उपस्थित सचिवों व प्रधानों को कार्ययोजना बनाए जाने के लिए अपर जिला पंचायत राज अधिकारी राजेश सिंह, सहायक जिला पंचायत राज अधिकारी (प्राविधिक) सुमन पटेल, डीपीसी अनिल केशरी, किरन सिंह सीनियर फैकल्टी, डीपीआरसी राजेश त्रिपति ने विस्तार से जानकारी दिया।

कार्यशाला में सभी विकास खण्ड से सहायक विकास अधिकारी के साथ 32 ग्राम पंचायतों के ग्राम प्रधान, सचिव, पंचायत सहायक, सफाई कर्मी, खण्ड प्रेरक, अवर अभियंता उपस्थित रहे।

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