Wednesday , September 28 2022

मलेरिया विभाग ने कसी कमर, अब हर रविवार मच्छरों पर होगा वार

फैयाज़ खान मिस्बाही(ब्यूरो )

गाजीपुर। मच्छर जनित बीमारी मलेरिया की रोकथाम के लिए स्वास्थ्य विभाग जून माह को ‘मलेरिया रोधी’ माह के रूप में मना रहा है। इस क्रम में गुरुवार को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मुहम्मदाबाद पर जनसमुदाय को मलेरिया के लक्षणों, जांच, उपचार और बचाव के तरीकों के बारे में जागरूक करने के लिए आशा कार्यकर्ताओं को संवेदीकृत किया गया।
इस अवसर पर जिला मलेरिया अधिकारी मनोज कुमार ने बताया कि जून से मलेरिया के संक्रमण की आशंका बढ़ जाती है। मलेरिया फैलाने वाली मच्छर मादा एनोफिलीज जमीन पर जमा हुए पानी में अंडे देती है। यह अंडे एक सप्ताह में व्यस्क मच्छर में विकसित हो जाते हैं। किसी मलेरिया संक्रमित व्यक्ति को यदि मादा एनोफिलीज मच्छर काटती है तो मलेरिया के परजीवी उसमें प्रवेश कर जाते हैं और फिर इस मच्छर द्वारा दूसरे व्यक्ति को काटने के क्रम मलेरिया का संक्रमण होता है। इससे बचाव के लिए घरों के आसपास जल-जमाव नहीं होने देना चाहिए। सोते समय मच्छरदानी का प्रयोग करना चाहिए। जिला मलेरिया अधिकारी ने बताया कि अभियान के तहत स्वास्थ्य कर्मी घर-घर जाएंगे और लोगों को मलेरिया से बचाव के प्रति जागरूक करेंगे। इसके साथ ही हर रविवार, मच्छरों पर वार अभियान चलाया जाएगा। मलेरिया से बचाव व नियंत्रण में जन सहभागिता के लिए पूरे माह विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। स्वास्थ्य कर्मी घर-घर जाकर लोगों को मलेरिया से बचाव व त्वरित उपचार के प्रति जागरूक करेंगे। सीएचसी के चिकित्सा अधीक्षक डा. आशीष राय ने बताया कि कोई भी बुखार मलेरिया हो सकता है। अतः बुखार के सभी मरीजों को अनिवार्य रूप से मलेरिया की जांच करानी चाहिए। जांच और उपचार की सुविधा सभी चिकित्सालयों में निःशुल्क उपलब्ध है। बताया कि अभियान के दौरान आमजन को बताया जाएगा कि घर के आसपास या घरों में सात दिन से अधिक समय तक किसी भी बर्तन या स्थान में पानी न जमा होने दें। कूलर से भरे पानी एवं फ्रिज के पीछे की ट्रे, गमलों, टूटे हुए बर्तन या खराब टायर में पानी जमा हो तो उसे साफ करते रहें। घर के दरवाजों और खिड़कियों में जाली का प्रयोग करें। मच्छरों से बचाव के लिए फूल आस्तीन के कपड़े पहने व मच्छररोधी क्रीम का प्रयोग करें। रात में सोते समय मच्छरदानी का प्रयोग ज्यादा बेहतर होगा। मलेरिया रोधी माह में ग्राम स्वास्थ्य एवं स्वच्छता समिति के माध्यम से मलेरिया रोग से बचाव उपचार के साथ ही समय से रोगी को रेफर करने पर विशेष बल दिया जाएगा। पूरी कोशिश होगी कि मलेरिया रोग की शीघ्र पहचान हो और जटिल मलेरिया रोगी को यदि समुचित लाभ नहीं मिल रहा है तो उसे निकटतम प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र पहुंचाने का कार्य जल्द से जल्द कराया जा सके। इस अवसर पर वरिष्ठ मलेरिया निरीक्षक नवीन प्रकाश, बीपीएम संजीव कुमार, बीसीपीएम मनीष, पाथ संस्था के अरूण कुमार, एचएस त्रिभुवन सहित अन्य कर्मचारी एवं आशा कार्यकर्ता उपस्थित रहीं।

—मलेरिया के लक्षण
-सर्दी व कम्पन के साथ एक-दो दिन छोड़कर बुखार आना।
-तेज बुखार, उल्टियां और सिर दर्द।
-बुखार उतरते समय खूब पसीना आना।
-बुखार उतरने के बाद थकावट व कमजोरी।

—लक्षण मिलने पर क्या करें
-बुखार होने पर रक्त की जांच कराएं।
-मलेरिया की पुष्टि होने पर दवा नियमित रूप से लें।
-खाली पेट दवा न खाएं।

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