Friday , September 30 2022

100 बेड मातृ एवं शिशु हॉस्पिटल में फैली दुर्व्यवस्थाओं को लेकर भाजपाइयों ने किया हंगामा

आनन्द कुमार चौबे/अंशु खत्री (संवाददाता)

सोनभद्र । प्रदेश सरकार ने आदिवासी बाहुल्य जनपद में गर्भवती महिलाओं को बेहतर सुविधा मुहैया कराने के लिए जिला अस्पताल परिसर में 100 शैय्या बेड महिला एवं शिशु हॉस्पिटल स्थापित किया गया है लेकिन इन दिनों 100 शैय्या बेड महिला एवं शिशु हॉस्पिटल रेफर सेंटर बन गया। सोनभद्र जिले की भौगोलिक स्थिति को देखते हुए सरकार ने जनपद को यह सौगात दिया था लेकिन स्थानीय स्वास्थ्य महकमे की वजह से सरकार की यह सौगात अभिशाप बन गया है।

100 शैय्या बेड महिला एवं शिशु हॉस्पिटल की लगातार मिल रही शिकायत को गंभीरता से लेते हुए आज भाजपा नेता मनोज सोनकर और संजय जायसवाल के नेतृत्व में दर्जनों कार्यकर्ताओं ने महिला एवं शिशु हॉस्पिटल पहुँच कर जमकर बवाल काटा और जिला अस्पताल के सीएमएस का घेराव किया। इस दौरान भाजपा नेताओं ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि अस्पताल में व्यवस्था नहीं सुधरी तो लोग आंदोलन करने को बाध्य होंगे। अस्पताल के अव्यवस्था को लेकर भाजपाइयों ने मुख्यमंत्री के नामित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा।

प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे भाजपा कार्यकर्ता मनोज सोनकर ने आरोप लगाते हुए कहा कि “अस्पताल में लगातार लापरवाही बरती जा रही है। गरीब मरीजों के इलाज के नाम पर खिलवाड़ किया जा रहा है। गरीब मरीजों का शोषण करने के लिए उन्हें निजी हॉस्पिटल में रेफर किया जा रहा है। वहीं सीएमएस व सीएमओ इस पूरे मामले में अनदेखी कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि ऐसा ही एक मामला गुरुवार का है जब राब‌र्ट्सगंज स्थित रेखा के स्वजन ने सुबह नौ बजे प्रसव पीड़ा उठने पर उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया। अस्पताल में मौजूद कर्मचारियों ने महिला को देखने की जरूरत नहीं समझी और उसे प्राइवेट अस्पताल के लिए रेफर कर दिया। उन्होंने बताया कि इस बाबत जब सीएमओ से वार्ता किया गया तो उन्होंने अस्पताल को अधिकार क्षेत्र से बाहर बता दिया।”

वहीं सीएमएस डॉ0 के0कुमार ने कहा कि “100 शैय्या बेड महिला एवं शिशु हॉस्पिटल प्रशासन को लगातार दुर्व्यवस्था सुधारने का निर्देश दिया जाता है लेकिन अब तक इनके द्वारा निर्देशों की अनदेखी की जा रही है। कई बार औचक निरीक्षण में पाया गया कि यहाँ के डॉक्टर मरीजों से दुर्व्यवहार करते हैं और मरीजों को बाहर की दवाएँ लिखते हैं। लेकिन यहाँ ले अधीक्षक ऐसे मामले में बिल्कुल उदशीन बने रहते है। इस मामले को लेकर शासन को पत्र के माध्यम से अवगत कराया जाएगा।”

वहीं 100 शैय्या बेड महिला एवं शिशु हॉस्पिटल के डॉक्टरों द्वारा सीएमएस और सीएमओ पर माँग के अनुसार दवा उपलब्ध न कराने का आरोप लगाया गया साथ ही गंभीर मरीजों को रेफर करने के पीछे जिला अस्पताल परिसर में ब्लड बैंक का न होना भी बताया गया।

इस मौके पर धर्मवीर त्यागी, संजय जायसवाल, रवि साहनी, कमलेश पांडेय, बाबू मिश्रा, शुभम सोनी, गोपी सोनकर, गांधी गुप्ता समेत दर्जनों कार्यकर्ताओं मौजूद रहे।

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