Tuesday , September 27 2022

श्रीमद् भागवत कथा के दूसरे दिन रविवार को कथा वाचक ब्रह्मचारी स्वामी प्रीतमानन्द जी महाराज ने कहा

सुजीत कुमार (संवाददाता)

अदलहाट मीरजापुर।कलावती वाटिका (यूनियन बैंक के पीछे) में चल रहे संगीतमय श्रीमद् भागवत कथा के दूसरे दिन रविवार को कथा वाचक ब्रह्मचारी स्वामी प्रीतमानन्द जी महाराज ने कहा कि सबसे बड़ा दान वह है ,जो भगवान के कथा को दूसरे को श्रवण करा दे। उन्होंने कहा कि मन की शान्ती के लिए कथा है,जो कथा श्रवण कर लेता है उसका जीवन धन्य हो जाता है उन्होंने कहा कि हर प्राणी को विचार करना चाहिए कि हमारा संगत कैसा हो।यदि सच्चा सत्संग मिल जाय तो जीवन धन्य हो जाता है। उन्होंने धर्म,अधर्म पर चर्चा करते हुए कहा कि सज्जन व्यक्ति दिखाई दे तो वह भगवान का मुख है।अगर दुष्ट व्यक्ति दिखाई तो वह भगवान का पीठ है। सृष्टि का वर्णन करते हुए उन्होने कहा कि मन,माया,तत्व व ज्ञान के बाद अज्ञान की सृष्टि हुई समझदार व्यक्ति अच्छा काम करता है,अच्छा काम करने वाले व्यक्ति को पकड़कर खींचा जाता है जो समझदार नहीं है,उसको कोई पूछने वाला नहीं है इस अवसर पर भृगुनाथ, सुनील गुप्ता,सल्लन राम,शिव कुमार,संध्या,विजय जायसवाल,मुन्ना जायसवाल,सीमा देबी,ज्योति, अन्नू,सुदर्शन,सीमा केशरी तथा अन्य लोग रहे।

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