Friday , September 30 2022

जिला पंचायत में व्याप्त भ्रष्टाचार को लेकर अपर मुख्य सचिव पंचायतीराज से मिले बीजेपी के पूर्व जिलाध्यक्ष

शान्तनु कुमार/आनंद चौबे

सोनभद्र । यूँ तो अपर मुख्य सचिव पंचायतीराज आये थे योगी सरकार की ड्रीम प्रोजेक्ट हर घर नल योजना की प्रगति रिपोर्ट जानने, लेकिन सोनभद्र बार्डर पहुंचते ही विभागीय पंचायत में फंस गए । सुकृत में पंचायत सामने आया तो उसकी गाज सेक्रेटरी व एडीओ पंचायत पर गिरी। लेकिन जिले की सबसे बड़ी पंचायत विभाग जिला पंचायत का मामला भी उनके सामने आया तो सन्न रह गए। पूर्व जिलाध्यक्ष भाजपा धर्मवीर तिवारी ने अपर मुख्य सचिव से मुलाकात कर जिला पंचायत में फैले व्याप्त भ्रष्टाचार व ठेकेदार तथा अधिकारियों के बीच चल रहे सिंडिकेट के बारे बताया । श्री तिवारी ने अपर मुख्य सचिव पंचायतीराज मनोज कुमार सिंह को बताया कि जिला पंचायत द्वारा खनिज परिवहन के लिए निविदा निकाला गया था जिसमें मैसर्स गीतांजलि इंटरप्राइजेज खनिज परिवहन शुल्क के निविदा में भाग लिया । जिसमें सर्वोच्च बोली दाता (एच-१) रही! जिनके द्वारा जिला पंचायत खनिज शुल्क परिवहन शुल्क वसूली हेतु 2022- 23 में विज्ञापन के अनुसार टेंडर डाला गया । जिसके बाद टेंडर का टेक्निकल बीड अपर जिलाधिकारी के समक्ष खोला गया । जिसमें पांच टेंडर दाता जांचोपरांत सही पाए गए । और उसके बाद फाइनेंसियल बीड भी खोल दिया गया । जिसमें गीता देवी सर्वोच्च बोली दाता रही । गीता देवी का सर्वोच्च टेंडर दर 14 करोड़ 61 लाख 11 हजार 111 रुपया था । जिसके उपरांत कार्यालय जिला पंचायत सोनभद्र द्वारा पत्रांक संख्या 108/जि०पं०/खनिज-ठेका/ई टेंडर/2022 -23 दिनांक 4 मई 2022 के क्रम में बिड में अपलोड किए गए अभिलेखों की मूल प्रति व छाया प्रति दिनांक 5 मई 2022 के अपराहन 12:00 बजे तक जमा करने हेतु निर्देशित किया गया । तत क्रम में गीता देवी द्वारा सभी मूल वो छाया प्रति अभिलेख कार्यालय में जमा कर उसकी प्राप्ति रसीद प्राप्त किया गया । श्री तिवारी ने बताया कि गीता देवी को 5 मई 2022 तक सर्तनामे के अनुसार धनराशि जमा करना था परंतु अपर मुख्य अधिकारी जिला पंचायत सोनभद्र द्वारा धनराशि जमा करने हेतु अभी तक नोटिस नहीं दिया गया । उन्होंने बताया कि गीता देवी को पूर्व में ही ऐसी भनक लग रही थी कि उसके साथ साजिश हो सकती है लिहाजा आशंका को देखते हुए 6 मई 2022 प्रातः जिलाधिकारी सोनभद्र से मिलकर संपूर्ण तथ्यों से अवगत कराया । जिलाधिकारी ने आश्वस्त किया था कि निविदा निरस्त नहीं किया जा सकता । तत्पश्चात गीता देवी अपर मुख्य अधिकारी जिला पंचायत सोनभद्र से मिली तो उन्होंने बताया कि 5 निविदाताओ में से कुछ ने मूल पेपर जमा नहीं किया । अतः निविदा निरस्त कर दिया गया है। पूर्व जिलाध्यक्ष धर्मवीर तिवारी ने अध्यक्ष जिला पंचायत सोनभद्र एवं जिला पंचायत के अधिकारियों की भूमिका को संदिग्ध बताते हुए जांच की मांग की है । श्री तिवारी ने बताया कि एक ही पटल पर लगातार 17 सालों से कर्मचारी बने हुए हैं जो ठेकेदारों के साथ मिलकर भ्रष्टाचार में सम्मिलित हैं ।

ये लोग प्रारंभ में 3 ठेकेदारों का सिंडिकेट बनाकर टेंडर डलवाए थे जिनमें वर्तमान में वसूली कर रहे ठेकेदार भी सम्मिलित है, जिन्हें 31 मार्च 2022 को उनके ठीके की अवधि पूर्ण होने के पश्चात भी आचार संहिता की आड़ में 6 मई 2022 रात्रि 12:00 बजे तक की अवधि बढ़ा दी गई और आगे भी अपर मुख्य अधिकारी द्वारा 16 मई 2022 तक के लिए पूर्व ठेकेदार की मिलीभगत से समय वृद्धि कर दी गई जो सरासर नियम विरुद्ध है। उन्होंने बताया कि नियमत: ठीके कीअवधि समाप्त होने के बाद सरकारी वसूली की जानी चाहिए थी ।

पूर्व जिलाध्यक्ष ने अपर मुख्य सचिव को बताया कि पूर्व के ठेके जो वर्तमान में भी चालू है तथा गीता देवी द्वारा दी गई ठीके की राशि में रुपया 4 करोड़ से अधिक का अंतर है।उक्त प्रकरण में बड़ी मात्रा में राजस्व की हेरा-फेरी करके राजस्व की क्षति की जा रही है ।

श्री तिवारी ने कहा कि उक्त निविदा को पुनः 13 मई 2022 को अंतिम तिथि निकाली गई जिसको समय 2:00 बजे टेण्डर पडना रहा तथा 3:00 बजे से टेक्निकल बीड खोला जाना था किन्तु इन लोगों द्वारा अपने चहेते तीनों फर्म जो पूर्ण के टेंडर में संगठित होकर अपना पेपर नहीं जमा किए थे उसी सिंडिकेट को साजिश के तहत परिवहन शुल्क का ठेका दे दिया गया । उन्होंने साजिश रचने वाले अधिकारियों व कर्मचारियों के खिलाफ जांचकर कार्यवाही किये जाने की मांग की है ।

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