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गैर कानूनी तरीके से बच्चा गोद लेना अपराध, हो सकती है सजा – पुनीत टण्डन

आनंद कुमार चौबे (संवाददाता)

सोनभद्र । केंद्र सरकार द्वारा बनाए गए नए जुवेनाइल जस्टिस एक्ट-2015 के तहत अगर कोई भी व्यक्ति या संस्था द्वारा अनाथ, परित्यक्त या संस्थाओं को समर्पित किए गए बच्चे को गैर कानूनी तरीके से गोद लेता या देता है, तो उसे तीन साल की सजा होगी। साथ ही उसे एक लाख रुपए का जुर्माना भी भरना पड़ेगा। यह प्रावधान एक्ट की धारा-80 में किया गया है। इतना ही नहीं, यदि कोई व्यक्ति किसी कार्य के लिए बच्चे को अपने पास रखता है या बंधुआ मजदूरी कराता है, तो उसे अधिकतम पांच साल की कठोर सजा और एक लाख रुपए का जुर्माना भरने का प्रावधान है। उक्त बिंदुओं पर प्रकाश डालते हुए जिला प्रोबेशन अधिकारी पुनीत टण्डन ने बताया कि बच्चों को सिर्फ कानूनी प्रक्रिया के माध्यम से गोद लिया जा सकता है। बच्चा गोद लेने की प्रक्रिया केंद्रीय दत्तक ग्रहण संसाधन प्राधिकरण की वेबसाइट पर पंजीकरण करा कर और कानूनी रूप से कार्यवाही करते हुए की जाती है। व्यक्ति द्वारा सीधे बच्चा गोद लेना या गोद देना दोनों अवैध व कानूनन अपराध है एवं बच्चों के अधिकार का हनन है। उसके खिलाफ तत्काल कानूनी कार्यवाही की जाएगी तथा किशोर न्याय अधिनियम-2015 की धारा 80 के अंतर्गत 3 वर्ष तक की कैद या एक लाख रुपए का जुर्माना अथवा दोनों से दंडित करने का प्रावधान है।

जिला प्रोबेशन अधिकारी पुनीत टण्डन ने जन सामान्य से अपील करते हुए कहा कि ऐसे जरूरतमंद बच्चों के सम्बन्ध में किसी को कोई भी सूचना मिलती है तो वह चाइल्ड हेल्पलाइन नम्बर 1098, जिला बाल संरक्षण इकाई, महिला हेल्पलाइन 181 पर कॉल कर सूचना दे सकता है। उन्होंने कहा कि बच्चों की मदद करें। उन्हें एक सुरक्षित वातावरण दिलाने में सहभागी बने, यह बच्चों का अधिकार है।

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