Tuesday , October 4 2022

किसानों की गाढ़ी कमाई लेकर भाग गया गल्ला व्यवसायी

आनंद कुमार चौबे (संवाददाता)

जिलाधिकारी से मुलाकात कर किसानों ने लगाई न्याय की गुहार

किसानों के 6.8 लाख रुपये भुगतान का मामला

सोनभद्र । देश का किसान मौसम से लड़कर और खेत में पसीना बहाकर उपज पैदा भी कर ले तो उसके उचित मूल्य की गारंटी तो छोड़िए, उसका भुगतान भी हो पाएगा या नहीं, इसकी भी कोई गारंटी नहीं है। कभी उसे क्रय केंद्रों पर विभागीय कर्मियों की तिकड़म बाजी से जूझना पड़ता है, तो कभी धूर्त व्यापारियों के हाथों अपनी रही-सही पूंजी गंवानी पड़ती है।

ताजा प्रकरण घोरावल थाना क्षेत्र से सामने आया है। जहां पिछले वर्ष जनवरी में एक व्यापारी की तरफ से एक दर्जन से अधिक किसानों से सैकड़ों क्विंटल धान उधार के नाम पर खरीद कर आज एक वर्ष बीतने के बाद भी छह लाख आठ हजार रुपये का भुगतान नहीं दिया गया। जिस पर आक्रोशित किसानों ने आज जिलाधिकारी टी0के0 शिबु को शिकायत पत्र देकर धूर्त व्यापारी के खिलाफ उचित कार्रवाई किए जाने की मांग की।

किसानों गड़मा गांव निवासी राजेंद्र प्रसाद, छबि नाथ, नन्हई, मोहन, चंदा देवी, खिरीहटा गांव निवासी रामप्यारे, नंदलाल, शिवबदन, डीबर गांव निवासी शिव प्रकाश, सुचित यादव आदि किसानों ने राबर्टसगंज क्षेत्र के मझीयांव गाँव निवासी व्यापारी वरुण पांडेय को एक महीने के लिए कुल 6.42 लाख का धान उधार बेचा था। इसमें से व्यापारी ने बाद में किसान छबिनाथ को चार हजार व राजेंद्र को तीस हजार रुपये दिया था, लेकिन शेष छह लाख आठ हजार रुपये किसानों के धान का भुगतान अभी तक नहीं किया। अभी भी पीड़ित किसान व्यापारी के घर का चक्कर काट रहे हैं।

हालांकि उक्त मामले को लेकर पूर्वांचल नव निर्माण मंच के गिरीश पांडेय ने जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारी से मिलकर समस्या से अवगत कराया था। लेकिन जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारी ने भी इस मामले को गंभीरता से नहीं लिया।

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