Sunday , October 2 2022

मकरा में मौत का सिलसिला जारी, आज फिर एक बच्चे ने तोड़ा दम, गिर सकती है जिम्मेदारों पर गाज

आनन्द कुमार चौबे/एस0 प्रसाद (संवाददाता)

● स्वास्थ्य टीम ने अगरियाडीह और लंगरीहवा (केवटान बस्ती) में किया कैम्प

● आज भी मिले छः पीएफ और दो पीबी मलेरिया पॉजिटिव मरीज

● प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मकरा अभी भी बन हुआ है डॉक्टर विहीन

● ग्रामीणों ने किया कैम्प में स्वास्थ्य का सम्पूर्ण जांच की मांग

● जिलाधिकारी ने एसडीएम व स्वास्थ्य विभाग से तलब की रिपोर्ट, कल तक बड़ी कार्यवाही की उम्मीद

● पंचायत व स्वास्थ्य विभाग पर गिर सकता है गाज

म्योरपुर । म्योरपुर विकास खंड के सेंदुर (मकरा) ग्राम पंचायत में मौत का सिलसिला लगातार जारी है। पिछले 24 घंटे में मकरा के लभरी (गाढ़ा) निवासी एक बच्चे सूरज (5वर्ष) पुत्र देवप्रकाश की संदिग्ध बीमारी से मौत हो गयी। इसी के साथ अब मौत का आंकड़ा बढ़कर 15 हो गयी है। इधर स्वास्थ्य विभाग लगातार दावे कर रहा है और गांव में टीम भेज कर जांच व इलाज किया जा रहा है लेकिन मौत नहीं थमने से स्वास्थ्य विभाग की कलई भी खुल गयी है। आज भी स्वास्थ्य विभाग की जाँच में मलेरिया के 8 नए मरीज मिलने की पुष्टि हुई है।

वहीं जिलाधिकारी टी0के0 शिबू ने प्रशासन और पंचायत राज अधिकारी को पूरे क्षेत्र में साफ-सफाई कराने का निर्देश दिया है। जिलाधिकारी ने लोगों से अपील की है कि तबियत खराब होने पर तत्काल डॉक्टर को दिखाएं, झाड़फूंक के चक्कर में न पड़े । हालांकि जिलाधिकारी ने एसडीएम व सीएमओ दोनों से रिपोर्ट तलब की है, उम्मीद जताई जा रही हैं कि मौत के मामले में कल तक कोई बड़ी कार्यवाही हो सकती है।

ग्रामीणों ने बताया कि पूर्व में भी प्राइवेट लैब से मृतकों के मलेरिया ग्रसित होने की बात सामने आई थी लेकिन स्वास्थ्य विभाग मलेरिया से मौत होने से पल्ला झाड़ता रहा है और अब जब लगातार मौत का आंकड़ा बढ़ने लगा तो स्वास्थ्य विभाग कैम्प कर इलाज की खानापूर्ति कर रहा है। ग्रामीणों का सीधा आरोप है कि यदि स्वास्थ्य विभाग शुरू से चेता होता तो मौत नहीं होता लेकिन वह अपनी मनमानी करता रहा, जिसका नतीजा सामने है।

ग्रामीणों ने बताया कि आज भी कैम्प में हुई जाँच में कई मलेरिया पॉजिटिव मरीज मिले हैं। वहीं कैम्प में केवल मलेरिया और हीमोग्लोबिन की जांच की जा रही है जबकि सीएमओ द्वारा एचआईबी, हेपिटाइटिस-बी और टाइफाइड की जांच के निर्देश को भी नहीं माना जा रहा है।

बहरहाल कुल मिलाकर अज्ञात बीमारी से मौत का यह कोई पहला मामला नहीं है, इसके पहले भी म्योरपुर इलाकों में मौतें होती रही हैं, लेकिन ऐसे मेम बड़ा सवाल यह उठता है कि जब सरकार ने स्वास्थ्य विभाग को सभी सुविधाएं मुहैया करा रखी है तो आखिर वे सुविधाएं ग्रामीणों तक क्यों नहीं पहुंची।

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