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नहीं थम रहा अज्ञात बीमारी से मौत का सिलसिला, सीएमओ ने पंचायत विभाग को ठहराया जिम्मेदार, डीएम ने दिये जांच के आदेश

आनन्द कुमार चौबे/एस0 प्रसाद (संवाददाता)

० म्योरपुर क्षेत्र का मामला

० ग्रामीणों ने स्वास्थ्य विभाग को बताया लापरवाह

० अभी भी अनट्रेंड लोग कर रहे हैं कैम्प

० यदि स्वास्थ्य विभाग होता सतर्क तो नहीं होती मौतें

म्योरपुर । म्योरपुर विकास खंड के सेंदुर (मकरा) ग्राम पंचायत में मौत का सिलसिला लगातार जारी है।पिछले 24 घंटे में यहां मासूम समेत दो की मौत हो गई । इसी के साथ मौत का आंकड़ा 14 पार हो गयी है। इधर स्वास्थ्य विभाग लगातार दावे कर रहा है और गांव में टीम भेज कर जांच कर रहा है लेकिन मौत थमने का नाम नहीं ले रहा।

ग्रामीणों का कहना है कि अभी भी स्वास्थ्य विभाग लापरवाह बना हुआ है । ग्रामीणों का आरोप है कि गांव में जो टीम भेजी जा रही है उनमें कोई भी विशेषज्ञ डॉक्टर नहीं है, सभी अनट्रेंड लोगों को भेजा जा रहा है।

ग्रामीणों ने बताया कि गांव में न छिड़काव हुआ और न जांच, लगातार मौतें होती रही लेकिन स्वास्थ्य विभाग उदासीन बना रहा। ग्रामीणों ने बताया कि सरकारी अस्पतालों में जो दवाई दी जाती थी वह काम नहीं करता था इसलिए लोग झोलाझाप डॉक्टरों के पास जाने को मजबूर होते थे।

ग्रामीणों ने बताया कि प्राइवेट लैब से मृतकों के मलेरिया ग्रसित होने की बात सामने आई थी । लेकिन स्वास्थ्य विभाग मलेरिया से मौत होने का इनकार करता रहा । और अब जब मौत का आंकड़ा दर्जन भर से अधिक हो गया तो स्वास्थ्य विभाग दौड़ रहा है। ग्रामीणों का सीधा आरोप है कि यदि स्वास्थ्य विभाग शुरू से चेता होता तो मौत नहीं होता । लेकिन वह अपनी मनमानी करता रहा, जिसका नतीजा सामने है।

ग्राम प्रधान ने बताया कि सोमवार को मकरा गांव के मड़इया और भेड़िया टोले में स्वास्थ्य विभाग ने लगाया कैम्प लगाकर जांच किया है लेकिन ग्रामीणों ने बताया कि कैम्प जाँच में कई मलेरिया पॉजिटिव मिले। कैम्प में केवल मलेरिया और हीमोग्लोबिन की जांच हो रही है। जबकि सीएमओ ने एचआईबी, हेपिटाइटिस बी, और टाइफाइड की जांच के लिए कहा था, जो नही हो रहा है।

जहां एक तरफ ग्रामीण स्वास्थ्य विभाग को दोषी ठहरा रहे हैं वहीं स्वास्थ्य विभाग के मुखिया सीएमओ डॉ0 नेम सिंह इस मौत के लिए पंचायत विभाग को जिम्मेदार बता रहे हैं। उनका कहना हैं कि सफाई की जिम्मेदारी पंचायत विभाग की है, उनका काम सिर्फ इलाज करना है।

वहीं इतनी बड़ी संख्या में मौत के लिए जिम्मेदार कौन है, इसकी जानकारी के लिए जिलाधिकारी टी0के0 शिबू ने जांच के आदेश दे दिए हैं । उनका कहना हैं कि मौत के लिए जिम्मेदारी तय की जाएगी और जो दोषी होगा उसके खिलाफ कार्यवाही होगी।

बहरहाल कुल मिलाकर अज्ञात बीमारी से मौत का यह कोई पहला मामला नहीं है, इसके पहले भी म्योरपुर इलाकों में मौतें होती रही हैं । लेकिन बड़ा सवाल यह है कि जब सरकार ने स्वास्थ्य विभाग को सभी सुविधाएं मुहैया करा रखी है तो आखिर वे सुविधाएं ग्रामीणों तक क्यों नहीं पहुंची। फिलहाल जिलाधिकारी ने जांच के आदेश तो दे दिए हैं मगर यह जांच कब तक पूरा होता है यह देखने वाली बात है।

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