Tuesday , October 4 2022

‘उगीं हे अदितमल, भइल अरघ के बेर’ के साथ छठ महाव्रत की पूर्णाहुति

धर्मेन्द्र गुप्ता (संवाददाता)

विंढमगंज । आज प्रातः काल की बेला में सूर्य उपासना के महापर्व छठ पूजा के चौथे दिन महिलाएं सूर्य की लालिमा देखते ही जलाशयों के किनारे पहुंच खष्ठी छठ ब्रत का अर्घ देकर अपना महाव्रत पूरा किया। कठिन व्रत करने वाली महिलाएं अपनी-अपनी मन्नत के अनुसार दण्डवत करते हुए भी छठ घाटों तक पहुंचीं तो कुछ महिलाएं अपने सर पर दौऊरा, सूपा लेकर छठी मइया की गीत गाते हुए छठ घाटों पर पहुँची और पूरी रात जलाशयों, नदियों के तट पर अपनी अपनी बनाई हुई बेदी के सामने बैठकर महिलाएं छठ गीतों से झूमते रहे।

आज सुबह उगते हुए सूर्य को अर्घ देने के साथ महापर्व पूर्ण हुई। क्षेत्र के पतरिहा स्थित जलाशय, ठेमा नदी, कनहर नदी, टेढ़ा छठ घाटों पर महिलाओं की तांता लगा रहा। छठ घाटों तक पहुँचने वाली सड़को को बेहतर ढंग से साफ सफाई के साथ विद्युत झालरों से सजाया गया था जो लोगों के लिए आक्रमण का केंद्र बना रहा।

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