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आस्था का महापर्व-छठ पूजा की धूम,दूसरे दिन “खरना” की निभाई जा रही परम्परा

धर्मेन्द्र गुप्ता(संवाददाता)

-छठ महापर्व का दूसरा दिन-खरना की निभाई जाएगी परम्परा

-तीसरे दिन सतत वाहिनी के पावन तट पर आयोजित होगी महाआरती

-काशी के विद्वानों के मंत्रोच्चार के साथ होगी महाआरती

विंढमगंज।क्षेत्र में छठ पूजा की धूम मची हुई है। छठ पर्व की शुरुआत 8 नवंबर को नहाय-खाय के साथ हो चुकी है। नहाय-खाय के बाद आज खरना की पंरपरा निभाई जाएगी। कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को खरना मनाया जाता है। खरना में दिन भर व्रत के बाद व्रती रात को पूजा के बाद गुड़ से बनी खीर खाकर, उसके बाद से 36 घंटे का निर्जला व्रत शुरू करते हैं। दरअसल, छठ महापर्व के दूसरे दिन खरना होता है। खरना को लोहंडा भी कहा जाता है। खरना खास होता है, क्योंकि व्रती इसमें दिन भर व्रत रखकर रात में रसिया (खीर) का प्रसाद ग्रहण करते हैं।

खरना का मतलब होता है शुद्धिकरण। इसे लोहंडा भी कहा जाता है। खरना के दिन छठ पूजा का विशेष प्रसाद बनाने की परंपरा है। छठ पर्व बहुत कठिन माना जाता है और इसे बहुत सावधानी से किया जाता है। कहा जाता है कि जो भी व्रती छठ के नियमों का पालन करती है उसकी सारी मनोकामनाएं पूरी होती हैं।

-खरना का महत्व

इस दिन व्रती शुद्ध मन से सूर्य देव और छठ मां की पूजा करके गुड़ की खीर का भोग लगाती हैं। खरना का प्रसाद काफी शुद्ध तरीके से बनाया जाता है। खरना के दिन जो प्रसाद बनता है, उसे नए चूल्हे पर बनाया जाता है। व्रती इस खीर का प्रसाद अपने हाथों से ही पकाती हैं। खरना के दिन व्रती महिलाएं सिर्फ एक ही समय भोजन करती हैं। मान्यता है कि ऐसा करने से शरीर से लेकर मन तक शुद्ध हो जाता है।

-खरना की पूजन विधि

इस दिन महिलाएं और छठ व्रती सुबह स्नान करके साफ सुथरे वस्त्र धारण करती हैं और नाक से माथे के मांग तक सिंदूर लगाती हैं। खरना के दिन व्रती दिन भर व्रत रखती हैं और शाम के समय लकड़ी के चूल्हे पर साठी के चावल और गुड़ की खीर बनाकर प्रसाद तैयार करती हैं। फिर सूर्य भगवान की पूजा करने के बाद व्रती महिलाएं इस प्रसाद को ग्रहण करती हैं।उनके खाने के बाद ये प्रसाद घर के बाकी सदस्यों में बांटा जाता है। इस प्रसाद को ग्रहण करने के बाद ही व्रती महिलाओं का 36 घंटे का निर्जला उपवास शुरू हो जाता है। मान्यता है कि खरना पूजा के बाद ही घर में देवी षष्ठी (छठी मइया) का आगमन हो जाता है।

छठ पर्व पर बीते एक सप्ताह से लगातार सफाई कर्मी बाजार में नहीं आने के कारण जगह-जगह कूड़े का अंबार लगा हुआ है जिससे आक्रोशित स्थानीय युवा ओम प्रकाश यादव के अगुवाई में हर्षित प्रकाश, अमित चंद्रवंशी, अमरेश केसरी व नीरज गुप्ता ने ग्राम पंचायत में मौजूद कूड़ा ट्राली को लेकर अपने से बाजार के वीआईपी गली, सब्जी गली, अपर मार्केट, रामलीला ग्राउंड, एनएच 75 के गलियों में जमें कूड़े को उठाकर साफ सफाई किया। आक्रोशित ओम प्रकाश यादव ने कहा कि सफाई कर्मी की घोर लापरवाही पर संबंधित अधिकारियों का ध्यान पूर्व में भी कई बार अवगत कराया जा चुका है परंतु नाही संबंधित अधिकारी इस पर संज्ञान लेते हैं और ना ही सफाई कर्मी इलाके में जमे कूड़े करकट को फेंकने व झाड़ू लगाने का काम करते हैं जिसका परिणाम है कि आज हम युवा लोग कूड़े के अंबार को देखकर स्वयं एक टीम बनाकर कूड़ा ट्राली पर उठाकर फेंकने का काम कर रहे हैं।
-महाआरती होती है आकर्षण का केंद्र

छठ महापर्व पर विंढमगंज के सूर्य मंदिर पर होने वाली महाआरती आकर्षण का सबसे बड़ा केंद्र होता है। इस महाआरती को संपादित कराने के लिए बनारस से विद्वान पंडितों की एक टीम सन क्लब सोसायटी के द्वारा बुलाई गई है जो बुधवार की शाम सुर्य मंदिर पर और गुरुवार की सुबह सततवाहिनी नदी के किनारे छठ घाट पर आयोजित होगा ।सन क्लब के द्वारा इसके लिए आकर्षित स्टेज सुर्य मंदिर के सामने और सतत वाहिनी नदी पर स्थित चेक डैम के बीच धार में स्टेज बनाया जा रहा है ।विंढमगंज का सूर्य मंदिर 5 प्रांतों उत्तर प्रदेश झारखंड बिहार छत्तीसगढ़ मध्य प्रदेश के लोगों के आस्था का प्रमुख केंद्र है।

स्थानीय दिगंबर अखाड़ा से संबंधित श्री राम मंदिर से सटे सन क्लब सोसायटी के द्वारा निर्मित विशाल सुर्य मंदिर के ठीक सामने भारती इंटरमीडिएट कॉलेज व नदी से सटे छठ घाट के साथ-साथ बाजार के प्रमुख मार्ग रांची रीवा राष्ट्रीय राजमार्ग, वीआईपी गली, अपर मार्केट, हलवाई गली, सब्जी गली, शाहू चौक, रामलीला ग्राउंड रोड, मां काली मंदिर रोड, बैंक रोड को अपने दर्जनों कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर साफ सफाई की मुकम्मल व्यवस्था की जा रही है। सफाई अभियान में लगे अमरेश केसरी व हर्षित प्रकाश ने कहा कि विंढमगंज में तैनात सफाई कर्मी बीते 1 सप्ताह से नहीं आने के कारण कूड़े का अंबार लगा हुआ था जिसे हम सभी लोगों के आपसी सहयोग से साफ सुथरा किया गया है। सफाई कर्मी की अनुपस्थिति क्यों है इसकी शिकायत संबंधित अधिकारियों से भी कई बार किया जा चुका है। वही क्लब के अध्यक्ष संजय कुमार गुप्ता ने कहा कि छठ घाट व्रती महिलाओं को पूरी रात बैठने व भजन-कीर्तन की व्यवस्था के लिए स्थल पर लगभग 150 टेंट की व्यवस्था की गई है। सुर्य मंदिर को आकर्षक ढंग से सजाया और संवारा गया है। लाइट बत्ती की समुचित व्यवस्था की गई है ।व्रत करने वाली माताओं के लिए पूरी रात्रि ठंड से बचाव हेतु अलाव की व्यवस्था की गई है। रात्रि को स्थानीय डॉक्टरों की टीम भी लगाई गई है ताकि किसी भी तरह का कोई परेशानी से निपटा जा सके। पूरी रात सांस्कृतिक कार्यक्रम विद्यालय के छात्र छात्राओं के द्वारा तथा दूर से आय झांकी के कलाकारों के द्वारा भक्ति में प्रस्तुति भी की जाएगी।
छठ पर्व पर क्षेत्र में स्थित प्रतिष्ठान के स्वामियों के द्वारा ग्रामीण अंचल से आने वाली छठ व्रती महिलाओं को व्रत करने के लिए भिक्षाटन के दौरान फल फूल प्रसाद पैसा इत्यादि चीजें भी दान कर रहे हैं। मौके पर दान कर रहे सियाराम गुप्ता ने कहा कि हर वर्ष छठ पर्व पर व्रत करने वाली माताओं को भिछाड़न में पर्व में आने वाले सामग्रियों को देने का काम करते हैं ताकि ग्रामीण अंचल में रह रहे गरीब से गरीब घरों में भी पर्व खुशी खुशी मनाएं।

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