Friday , September 30 2022

जलशक्ति मंत्री डॉ महेंद्र सिंह ने खीरी में बाढ़ग्रस्त क्षेत्र का किया हवाई सर्वेक्षण

उमेश शर्मा (संवाददाता)

० जनशक्ति मंत्री ने अफसरों व जनप्रतिनिधियों संग की बैठक

० ली राहत व बचाव कार्यो की जानकारी, दिए निर्देश

लखीमपुर खीरी । उप्र के जल शक्ति मंत्री डॉ महेंद्र सिंह अपने निर्धारित भ्रमण कार्यक्रम के अनुसार राजकीय हेलीकॉप्टर से खीरी ज़िले के शारदा नगर पहुंचे। उनके साथ राहत आयुक्त उप्र रणवीर प्रसाद, प्रमुख अभियंता सिचाई अशोक सिंह भी हेलीकॉप्टर पर सवार थे। इस दौरान आयुक्त लखनऊ मंडल रंजन कुमार, डीएम डॉ अरविंद कुमार चौरसिया, एसपी विजय दुल ने उनके जनपद आगमन पर स्वागत किया।
खीरी पहुंचने से पूर्व जलशक्ति मंत्री ने हेलीकॉप्टर से खीरी के बाढ़ग्रस्त इलाकों का हवाई सर्वेक्षण करके वर्तमान परिदृश्य देखा। शारदा बैराज पर बनी हेलीपैड से जलशक्ति मंत्री सीधे सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग के निरीक्षण भवन पहुंचे। जहां उन्होंने प्रशासनिक, अंतरविभागीय अफसरो व जनप्रतिनिधियों के साथ वर्तमान बाढ़ के हालातो, किए जा रहे बचाव अभियान की गहन समीक्षा की, जरूरी निर्देश दिए। बैठक की शुरुआत में डीएम डॉ अरविंद कुमार चौरसिया ने प्रेजेंटेशन देकर बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों में किए जा रहे बाढ़ प्रबंधन व राहत कार्यों की विस्तृत रिपोर्ट पेश की।
जलशक्ति मंत्री ने जिले में बाढ़ से प्रभावित इलाकों में हुए नुकसान और राहत व बचाव कार्य की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि इस दौरान फसे सभी गंभीर रोगियों को प्रशासन दवा भी उपलब्ध कराएं। धनराशि की कोई कमी नहीं है। प्रभावित क्षेत्रों में कम्युनिटी किचन की संख्या बढ़ाई जाए। पशुओं का चिन्हांकन करके युद्धस्तर पर पर्याप्त आहार की व्यवस्था कराएं। सभी पशुओं को सुरक्षित स्थान पहुचाए। निगरानी समितियों की सक्रियता बढ़ाई जाए। बच्चों को दूध वितरित किया जाए। कपड़ा वितरण हेतु कपड़ा बैंक बनाई जाए। सभी प्रभावित गांव में वीडीओ समुचित व वैकल्पिक प्रकाश की व्यवस्था कराए। इस दौरान उन्होंने सीएमओ से चिकित्सा कैंप व सीवीओ से पशु चिकित्सा कैंपो की जानकारी ली, जरूरी निर्देश दिए। सिंचाई के अफसरों ने मंत्री के पूछने पर बताया कि शारदा व घाघरा के सभी बंधे सुरक्षित हैं। विधायक लोकेंद्र प्रताप सिंह ने शारदा को गोमती से जोड़ने की मांग की। इस पर मंत्री ने कहा कि शारदा को गोमती व गंगा को सई नदी से जोड़ने पर विचार चल रहा है। वहीं अन्य मौजूद जनप्रतिनिधियों से भी उनके सुझाव लेकर उनका फीडबैक लिया।
जल शक्ति मंत्री डॉ महेंद्र सिंह ने प्रेसवार्ता में बताया कि मुख्यमंत्री ने बाढ़ के बाद राहत कार्य देखने के लिए भेजा है। सीएम ने तेजी से बचाव व राहत कार्य करने के निर्देश दिए। बाढ़ का पानी खत्म होते ही क्षति का आकलन कराया जाएगा और लोगों को राहत राशि दी जाएगी। बताया कि 17-18-19 अक्टूबर को उत्तराखंड में हुई अतिवृष्टि व बादल फटने से जल प्लावन होने से भारी तबाही हुई। 90 वर्षों में सबसे ज्यादा डिस्चार्ज इस बार हुआ। खीरी में 120 किमी शारदा बहती है। शारदा व घाघरा में डिस्चार्ज बढ़ने से जिले के 300 गांव प्रभावित हुए। कमिश्नर व जिला प्रशासन के अंतर विभागीय कोआर्डिनेशन से बेहतर काम किया। 03 एनडीआरएफ, 01 एसडीआरएफ एवं 02 पीएसी की फ्लड यूनिट ने बड़े पैमाने पर रेस्क्यू अभियान चलाया। रेस्क्यू ऑपरेशन में 16 बड़े मोटर बोट, 80 लोकल नावे एवं 75 गोताखोर लगाए। अधिकारी-कर्मचारी पूरी मुस्तैदी से राहत बचाव काम कर रहे। तीन दिनों में प्रशासन ने लगभग 03 हजार लोगों को रेस्क्यू करके निकाला। वही 75 हजार लंच पैकेट वितरित कराए। इन क्षेत्रों में प्रशासन ने मेडिकल टीम गठित कर उसकी सक्रियता बढ़ाई। बांधों पर सिंचाई विभाग के अफसर पूरी मुस्तैदी से तैनात हैं। पानी तेजी से घट रहा है। प्रभावित सभी गांवों में नोडल अधिकारी तैनात किए हैं। ब्लॉक स्तर पर कम्युनिटी किचन का संचालन किया जा रहा, इसके वितरण हेतु सीएचसी व पीएचसी पर भी पॉइंट बनाए गए। निगरानी समितियों को एक्टिवेट करते हुए एएनएम व आंगनबाड़ी के जरिए स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाई जा रही। सभी प्रभावित लोगों तक शुद्ध पेयजल की आपूर्ति व भोजन की व्यवस्था तत्परता से कराने में प्रशासन पूरी मुस्तैदी से जुटा है। खीरी में वायु सेना के जवानों ने हेलीकॉप्टर के जरिए 16 लोगों को रेस्क्यू किया।

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