Monday , October 3 2022

अदालत का फैसला: दुष्कर्म के दोषी को 20 वर्ष की कैद व अर्थदंड

आनंद कुमार चौबे (संवाददाता)

55 हजार रुपये अर्थदंड, न देने पर एक वर्ष की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी

● जेल में बितायी अवधि सजा में समाहित होगी

● अर्थदंड की सम्पूर्ण धनराशि पीड़िता को मिलेगी

सोनभद्र । छह वर्ष पूर्व 16 वर्षीय किशोरी के साथ हुए दुष्कर्म के मामले में अपर सत्र न्यायाधीश/ विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट पंकज श्रीवास्तव की अदालत ने बृहस्पतिवार को सुनवाई करते हुए दोषसिद्ध पाकर दोषी लक्ष्मण को 20 वर्ष की कैद एवं 55 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड न देने पर एक वर्ष की अतिरिक्त कैद भुगतनी पड़ेगी। जेल में बितायी अवधि सजा में समाहित की जाएगी। वहीं अर्थदंड की संपूर्ण धनराशि नियमानुसार पीड़िता को मिलेगी।
अभियोजन पक्ष के मुताबिक राबर्ट्सगंज कोतवाली क्षेत्र के एक गांव निवासी युवक ने 19 जुलाई 2015 को दी तहरीर में आरोप लगाया था कि उसकी 16 वर्षीय नाबालिग बहन घर पर अकेली थी। तभी राबर्ट्सगंज कोतवाली क्षेत्र के देवरी कला गांव निवासी लक्ष्मण पुत्र शंकर आ गया और उसे पूछने लगा तो उसकी बहन ने बताया कि सामान लेने दुकान पर गए हैं। पिताजी कमाने बाहर गए हैं। माता जी भी गाय चराने गई है। इतना सुनते ही लक्ष्मण उसकी बहन को अकेला पाकर घर में घुस गया और जबरन दुष्कर्म किया। शोरगुल की आवाज सुनकर उसके अलावा गांव-घर के तमाम लोग आ गए और मौके से लक्ष्मण को पकड़ लिया गया। जो मौके से छुड़ाकर भाग गया। इस तहरीर पर पुलिस ने दुष्कर्म समेत पॉक्सो एक्ट में एफआईआर दर्ज कर विवेचना शुरू कर दिया। पर्याप्त सबूत मिलने पर न्यायालय में चार्जशीट दाखिल किया था। मामले की सुनवाई करते हुए अदालत ने दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं के तर्कों को सुनने, गवाहों के बयान एवं पत्रावली का अवलोकन करने पर दोषसिद्ध पाकर दोषी लक्ष्मण को 20 वर्ष की कैद एवं 55 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड न देने पर एक वर्ष की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी। जेल में बितायी अवधि सजा में समाहित होगी। वहीं अर्थदंड की सम्पूर्ण धनराशि पीड़िता को नियमानुसार मिलेगी। अभियोजन पक्ष की ओर से सरकारी अधिवक्ता दिनेश अग्रहरि एवं सत्यप्रकाश त्रिपाठी एडवोकेट ने बहस की।

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