Friday , September 30 2022

जम्मू-कश्मीर में आतंकियों से मुठभेड़ में शहीद योगंबर सिंह का पार्थिव शरीर उनके आवास पर पहुंचा, श्रद्धांजलि देने वालों की उमड़ी भीड़

जम्मू-कश्मीर में आतंकियों से मुठभेड़ में शहीद चमोली जिले के सांकरी गांव निवासी सैनिक योगंबर सिंह का पार्थिव शरीर उनके आवास पर पहुंचा। सुबह शहीद का पार्थिव शरीर जैसे ही घर पर पहुंचा लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। वहीं पूरा गांव देश भक्ति के नारों से गूंज उठा। चमोली जिले विकास खंड पोखरी के सांकरी गांव निवासी राइफलमैन योगंबर सिंह पुत्र बीरेंद्र सिंह भंडारी 17 गढ़वाल राइफल्स में तैनात थे। वर्तमान में वे सेना की 48 आरआर रेजीमेंट में जम्मू-कश्मीर में ड्यूटी पर थे। 14 अक्तूबर की रात जम्मू-कश्मीर के पुंछ में आतंकियों से मुठभेड़ में योगंबर सिंह शहीद हो गए थे। शनिवार को शहीद का पार्थिव शरीर आर्मी के वाहन से रुद्रप्रयाग पहुंच गया था। पार्थिव शरीर को सैनिक कैंप रुद्रप्रयाग में रखा गया गया था।यहां से रविवार की सुबह शहीद के पार्थिव शरीर को उनके गांव सांकरी लाया गया। जिसके बाद पैतृक घाट निगोल नदी किनारे सैन्य सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया। योगंबर की याद में परिजनों के आंसू नहीं थम रहे हैं।

योगंबर सिंह भण्डारी के शहीद होने की सूचना के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। शहीद की मां और पत्नी का रो-रोकर बुरा हाल है। पिता वीरेंद्र सिंह भंडारी भी बेसुध पड़े हुए हैं। पोखरी में बामनाथ मंदिर के समीप और निगोल नदी के किनारे स्थित सांकरी गांव के रहने वाले शहीद योगंबर सिंह भण्डारी पांच साल पहले 17 गढ़वाल राइफल्स में भर्ती हुआ थे। वर्तमान में शहीद योगम्बर सिंह की तैनाती जम्मू-कश्मीर में थी। शहीद योगंबर सिंह भण्डारी का एक साल का बेटा है अक्षत । शहीद योगम्बर सिंह भण्डारी के 2 छोटे भाई व एक छोटी बहन हैं। शहीद योगंबर सिंह भण्डारी के आतंकी मुठभेड़ में शहीद होने की खबर मिलते ही पूरा गांव भी शोक में डूबा हुआ है। आज उनके पैतृक घाट निगोल नदी किनारे सैन्य सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया। इस मौके पर बद्रीनाथ विधायक महेंद्र भट पूर्व कैबिनेट मंत्री राजेंद्र सिंह भंडारी स्थानीय प्रशासन के साथ ही तमाम ग्रामीण मौजूद थे।

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