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घोरावल विधान सभा के विकास का सच: सड़क का पता नहीं, लगा दिया शिलापट्ट

शान्तनु कुमार/आनंद कुमार चौबे (संवाददाता)

सोनभद्र । अकांक्षी जनपद में शामिल व प्रदेश में सर्वाधिक राजस्व देने के मामले में दूसरे नंबर के जनपद सोनभद्र का हाल-बदहाल है। आलम यह है कि चार माह पहले सड़क बनाने के लिए उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्या, सांसद पकौड़ी लाल कोल तथा क्षेत्रीय विधायक अनिल कुमार मौर्या ने जिस सड़क का शिलान्यास किया था, आज तक उस सड़क का निर्माण नहीं हो पाया। दलदल में तब्दील सड़क के ऊपर लगा शिलान्यास का पत्थर विकास के दावे को चिढ़ा रहा है। वहीं, पीडब्लूडी विभाग इसकी सुधि नहीं ले रहा है। जबकि स्थानीय विधायक अपने साढ़े चार वर्ष की उपलब्धि गिनाने के मस्त हैं।

जी हाँ, हम बात कर रहे हैं सोनभद्र के घोरावल विधानसभा की। जनपद न्यूज़ live की टीम ने जब घोरावल विधानसभा क्षेत्र के कामों की पड़ताल की तो एक ही काम ने विधायक के सारे दावे की पोल खोलकर रख दी।

यूपी में योगी सरकार आयी तो सारे कामों को पारदर्शी बनाने के लिए ई-टेंडरिंग की व्यवस्था लागू की गई, ताकि सारे काम भ्रष्टाचार मुक्त हो सके और सभी काम जनता के सामने हो, इसीलिए योगी सरकार ने जीरो टॉलरेंस की बात भी कही थी। मगर आज हम घोरावल विधानसभा के विकास की उस तस्वीर को दिखाने जा रहे हैं वह भी पूरी तरह से पारदर्शी है। न सिर्फ जनता बल्कि सीएम योगी भी इसे देख सकते हैं कि चुनाव सिर पर है और उनके प्रदेश में विकास की ऐसी तस्वीर उभर कर सामने आ रही है।

जिला मुख्यालय से सटे घोरावल विधानसभा क्षेत्र के भागलपुर बुड़हर खुर्द वाया मानपुर संपर्क मार्ग पर शिलापट्ट लगे लगभग चार महीने हो गए लेकिन मार्ग की स्थिति ऐसी है कि लोगों का उस पर चलना दूभर हो गया है। ऐसे में एक बार फिर विधानसभा चुनाव नजदीक है और वर्तमान विधायक समेत सम्भावित प्रत्याशी अपनी तैयारियों में जुटे हैं। लेकिन मानपुर के लोग इस बार इतने खफ़ा हैं कि वे सबक सिखाने की बात कर रहे हैं।

स्थानीय निवासियों जाफर अली, विजय शर्मा, शांति देवी, गौतम आदि का कहना हैं कि “76 लाख से अधिक की लागत के इस शिलापट्ट को लगाने कोई विधायक या सांसद नहीं आये बल्कि रिक्शे पर लेकर आये दो मजदूरों ने लगा दिया। सड़क बनने की आस लिए यहाँ के लोग लगभग 20 बरस गुजार दी लेकिन समस्या वैसे ही बनी है। हर बार चुनाव के समय नेता आश्वासन जरूर देते हैं लेकिन फिर पलट कर वापस नहीं आते। वर्तमान सरकार के साढ़े चार बीत गए लेकिन उनमें से कई ग्रामीणों ने आज तक अपने विधायक के दर्शन तक नहीं किये।”

बहरहाल चुनाव नजदीक है और अभी भी ढेरों ऐसे शिलापट्ट पीडब्ल्यू विभाग में फेंकें पड़े हैं जिन्हें अपने स्थान पर लग जाना चाहिए था। मगर बड़ा सवाल यह है कि जिन सड़कों के लिए यह शिलापट्ट एडवांस में बन गया क्या वह धरातल पर बना है कि नहीं?

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