Sunday , October 2 2022

लोक सेनानी एवं आरएसएस के पूर्व जिला संघचालक डॉ0 राजकिशोर पंचतत्व में विलीन

रमेश यादव (संवाददाता)

– अंतिम यात्रा में उमड़ी जनसैलाब

■ कनहर व ठेमा नदी के संगम तट पर गॉर्ड ऑफ ऑनर के बाद दी गई मुखाग्नि

■ 92 वर्ष के उम्र में ली अंतिम सांस

दुद्धी।लोकतंत्र सेनानी एवं राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के पूर्व जिला संघचालक व दुद्धी रामलीला कमेटी समेत अन्य कई धार्मिक एवं सामाजिक संगठनों के मुख्य संरक्षक व 92 वर्षीय डा राजकिशोर सिंह को शुक्रवार की शाम करीब चार बजे कनहर-ठेमा संगम तट पर पुरे शासकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई।पुलिस लाइन से विशेष रूप से आये यूपी पुलिस के जवानो ने गार्ड आफ आनर के साथ सलामी देने के पश्चात उनके ज्येष्ठ पुत्र ओंकार सिंह ने तमाम हस्तियों के समक्ष उन्हें मुखाग्नि दी।
वे इधर कुछ दिनों से सांस की बीमारी से पीड़ित थे। पांच दिन पूर्व अचानक तकलीफ बढने पर मझले पुत्र धीरेन्द्र कुमार,विनय व मनोज कुमार द्वारा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया था। हालात में सुधार न देख स्थानीय चिकित्सको द्वारा वाराणसी रिफर किया था। गुरुवार की रात करीब पौने दस बजे डा सिंह की वाराणसी के एक निजी अस्पताल में इलाज के दौरान निधन की खबर आते ही तहसील परिसर में चल रहे रामलीला मंचन को उनके सम्मान व शोक में तत्काल प्रभाव से स्थगित कर दिया। इसके साथ उनके पैतृक मकान पर शुभचिंतको का तांता रात से ही लगना शुरू हो गया। तहसील मुख्यालय के लगभग सभी संगठनों ने पुरे सम्मान के साथ उनके अंतिम संस्कार की तैयारी में सुबह से ही जुटे रहे| दोपहर बाद उनकी शव यात्रा धूमधाम से निकाली गई। जो तहसील मुख्यालय तक जाकर सीधे श्मशान घाट की ओर बढ़ चली। इसमें भाजपा जिलाध्यक्ष अजीत चौबे,अनुसूचित जाति-जनजाति आयोग के उपाध्यक्ष रामनरेश पासवान,चेयरमैन राजकुमार अग्रहरि, तहसीलदार सुरेश चन्द्र शुक्ला, भाजपा के वरिष्ठ नेता सोनाबच्चा अग्रहरि,श्याम सिंह गौतम,मनोज सिंह बबलू,डीसीएफ अध्यक्ष सुरेंद्र अग्रहरि,क्रय विक्रय समिति के सभापति रामेश्वर राय समेत अन्य कई दिग्गज नेता अंतिम यात्रा में शामिल रहे।

शोक सभाओं का लगा रहा तांता-

श्री रामलीला कमेटी एवं जय बजरंग अखाड़ा समिति के तत्वाधान में मुख्य चौक पर शोक सभा का आयोजन किया। इसमें व्यापार मंडल,मुस्लेमीन कमेटी,मुस्लिम केन्द्रीय अखाड़ा समिति समेत अन्य कई संगठनों से जुड़े पदाधिकारियों ने प्रतिभाग करते हुए दिवंगत आत्मा को बब्बर शेर का उपाधि देते हुए अपनी संवेदना व्यक्त की। इसके अलावा दुद्धी एवं सिविल बार एसोसिएशन ने भी मुंसिफ कोर्ट खुलने के साथ ही शोक सभा कर न्यायिक कार्य से विरत होकर उनके अंतिम यात्रा में दोनों बार से जुड़े कई वरिष्ठ एवं कनिष्ठ अधिवक्ता शामिल हुए। इसी तरह चिकित्सक संघ ने डा लवकुश प्रजापति की अगुवाई में शोक सभा आयोजित कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित किया।

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