Monday , October 3 2022

अकारण विद्यालयों से शिक्षकों के निष्कासन का महासभा करेगा विरोध – उमाकांत मिश्र

संतोष जायसवाल / हनीफ़ खान (संवाददाता)

डीआईओएस से अविलंब कार्रवाई के लिए मिलेगे महासभा के पदाधिकारी

●शुल्क लेने के बाद भी वेतन नहीं देने वाले विद्यालयों के खिलाफ कार्यवाही का चलेगा अभिया

करमा। माध्यमिक शिक्षा परिषद द्वारा संचालित कतिपय हाई स्कूल एवं इंटर कालेज के शिक्षक/शिक्षिकाओं एवम् प्रधानाचार्य को बिना किसी पूर्व सूचना एवं बिना कारण बताए विद्यालय संचालकों द्वारा निष्कासित किए जाने का मामला तूल पकड़ने लगा है। उक्त प्रकरण पर माध्यमिक शिक्षक महासभा द्वारा कड़ा विरोध जताते हुए डीआईओएस से तत्काल कार्यवाही की मांग की है।
ज्ञात हो कि डेढ़ वर्ष से कोरोना काल में कुछ विद्यालयों के शिक्षको को वेतन/ मानदेय नहीं दिया गया। शिक्षको से कहा गया कि जब शुल्क मिलेगा तो व्यवस्था की जाएगी। शिक्षको से कार्य लिया जाता रहा। परंतु जब कोरोना काल के बाद शासन द्वारा विद्यालय खोला गया तो जनपद के तीन विद्यालय के प्रबंधकों द्वारा कुछ शिक्षकों व 01 प्रधानाचार्य को स्कूल से निष्कासित कर दिया गया। शिक्षको द्वारा कारण पूछे जाने पर उन्हें बोला गया कि जरुरत होगी तो बताया जाएगा। शिक्षको को बेतन भी नहीं दिया गया एवं विद्यालय से निकाल दिया गया । शिक्षको के इस पीड़ा को सुनने के बाद माध्यमिक शिक्षक महासभा के प्रदेश उपाध्यक्ष उमाकांत मिश्र, प्रबंधक महासभा के जिलाध्यक्ष शुशील चौबे, शिक्षक महासभा के जिलाध्यक्ष उमाकांत शुक्ल, महिला शिक्षक महासभा की जिलाध्यक्ष डॉ मंजू सिंह गंभीरता से लेते हुए शुक्रवार को शाम विरोध जताने के लिए डीआईओएस कार्यालय पहुंचे। परंतु डीआईओएस रवि शंकर किसी अनिवार्य कार्य से बाहर होने के कारण कार्यालय पर नहीं मिले। डीआईओएस कार्यालय के वरिष्ठ लिपिक कमलेश यादव से उक्त प्रकरण के विषय में वार्ता की गई। श्री यादव ने आश्वस्त किया कि हम तत्काल तीनों विद्यालयों के प्रबंधक से वार्ता कर मामले की सुनवाई हेतु बुलाएंगे। प्रदेश उपाध्यक्ष श्री मिश्र ने कहा कि यदि शिक्षको के साथ न्याय हुआ तो महासभा शिक्षकों के साथ हो रहे अन्याय के विरुद्ध जनपद से लेकर राजधानी तक संघर्ष करने के लिए बाध्य होगा।

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