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फाइलेरिया मरीजों को दिया गया रोग प्रबंधन का प्रशिक्षण

आनंद कुमार चौबे (संवाददाता)

सोनभद्र । राष्ट्रीय वेक्टर जनित रोग नियंत्रण कार्यक्रम के अंतर्गत जिले में हाथी पांव यानी फाइलेरिया की बीमारी से ग्रसित मरीजों को घरेलू रोग प्रबंधन के लिए प्रशिक्षण दिया गया। मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यालय सभागार में फाइलेरिया के पाँच मरीजों को प्रशिक्षण के उपरांत किट भी प्रदान किया गया।

कार्यशाला का उद्घाटन करते हुए मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ0 नेम सिंह ने बताया कि “हाथी पांव से व्यक्ति स्थाई अपंगता का शिकार हो जाता है ऐसी स्थिति में रोगी के लिए रुग्णता प्रबंधन एक प्रभावी उपाय है।”

प्रशिक्षण दे रहे रीजनल कोऑर्डिनेटर पाथ डॉ0 करण पारिख ने बताया कि “सुबह व शाम फाइलेरिया प्रभावित मरीजों को शरीर के अंगों को सामान्य पानी से साबुन लगाकर नियमित साफ-सफाई करनी चाहिए साथ ही साथ चिकित्सक द्वारा बताए गए व्यायाम विधि को अपनाने से सूजन नहीं बढ़ता। लगातार व्यायाम करने से सामान्य जीवन व्यतीत करने में सहायता मिलती है।”

अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ0 प्रेमनाथ ने पाँच फाइलेरिया रोगियों को किट में एक एंटीफंगल क्रीम, एक क्रेप बैंडेज, एक मेडिकेटेड साबुन, एक सफेद टावेल, एक मेडिकेटेड मच्छरदानी व एक-एक बाल्टी-मग दिया।

जिला मलेरिया अधिकारी डी0के0 श्रीवास्तव ने बताया कि “तालाब व पानी जमा होने वाले स्थानों में पनपने वाले मच्छरों के कारण फाइलेरिया रोग फैलता है। इसलिए एक जगह पानी अधिक दिनों तक जमा नहीं होने दें।”

इस मौके पर डॉ0 ऋषिमणि त्रिपाठी, शुभम, राजेश, राम सिंह, मनोज, मनीष, प्रवीण, सभाजीत व अरुण समेत अन्य लोग मौजूद रहे।

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