Friday , September 30 2022

मांगों को लेकर रसोइयों ने किया धरना-प्रदर्शन, सौंपा ज्ञापन

आनंद कुमार चौबे (संवाददाता)

सोनभद्र । छह महीने से बकाया मानदेय भुगतान और न्यूनतम मानदेय 324 रुपए प्रति मानव दिवस करने सहित अन्य मांगों को लेकर जिले भर की रसोइयों ने आज कलेक्ट्रेट में एकत्र होकर माध्यमिक भारतीय रसोइया वेलफेयर एसोसिएशन के बैनर तले धरना प्रदर्शन किया और मुख्यमंत्री को सम्बोधित 8 सूत्रीय ज्ञापन सौंपा।

इस दौरान संघ के संस्थापक/संरक्षक तैयब अंसारी ने कहा कि “भीषण महंगाई में रसोइयों की स्थिति बद से बदतर हो गई है। एक तरफ सरकार नारी सम्मान की बात कर रही है, दूसरी तरफ मिड-डे मील में नियुक्त रसोइयों का शोषण कर रही है। कहा कि सरकार उच्च न्यायालय इलाहाबाद के आदेश का सम्मान करते हुए तत्काल न्यूनतम मजदूरी के रेट से एरियर जोड़कर भुगतान करे।”

प्रदेश उपाध्यक्ष उषा साहू ने बताया कि सभी विभागों में पूरे साल का मानदेय दिया जाता है। लेकिन हम रसोइयों को पूरे साल का मानदेय नहीं दिया जाता है। मात्र 10 महीने का भुगतान देकर पूरे 12 महीने कार्य लिया जाता है। सरकार हमें बंधुआ मजदूर बनाने का प्रयास कर रही है ।

माध्यमिक भारतीय रसोइया वेलफेयर एसोसिएशन की प्रमुख मांगें

माननीय उच्च न्यायालय के आदेश के क्रम में बेसिक शिक्षा परिषद में कार्यरत समस्त रसोईयो का न्यूनतम मानदेय प्रति मानव दिवस 324रू0 सुनिश्चित किया जाय। उच्च न्यायालय के आदेशानुसार आधिकारी संख्या 9927/2020 के आदेश को लागू कर शासनादेश जारी किया गया। समस्त परषदीय विद्यालय में कार्यरत रसोईयों को 14 आकष्मिक अवकाश एवं मेडिकल की सुविध उपलब्ध कराया जाना चाहिए। समस्त परषदीय विद्यालय में कार्यरत महिला रसोईयों को मातृत्व अवकाश एवं मेडिकल की सुविध उपलब्ध कराया जाना चाहिए। समस्त परषदीय विद्यालय में कार्यरत रसोईयों से 11 मांह कार्य कराया जाता हैं। जिसके सापेक्ष रसोईयों को 10 माह का मानदेय दिया जाता हैं। अवशेष मानदेय सन् 2015-2016 से अब तक का मई माह का बकाया मानदेय दिया जाना चाहिए समस्त परषदीय विद्यालय में कार्यरत रसोईयों को फालोवर का प्रशिक्षण दिलाकर उसी पद पर समायोजित किया जाना चाहिए। माननीय उच्च न्यायालय इलाहाबाद द्वारा जो आदेश केन्द्र व प्रदेश सरकार को दिया गया है। उसे लागू करके परषदीय विद्यालय में कार्यरत रसोईयों का अन्तर (अवशेष) बकाये मानदेय का सन् 2005 से अब तक का लाखों रुपये का भुगतान किया जाना चाहिए शासनादेश संख्या 4156 / 38-04-04-47 एस०जी०ओसी वाई 01 ग्राम विकास अनुभाग 4 दिनांक 17 सितम्बर सन् 2004 को अतुल कुमार गुप्ता प्रमुख सचिव यूपी शासन द्वारा प्र0वि0 में मध्यान्ह भोजन योजना अन्तर्गत भोजन पकाने हेतु न्युनतम मजदूरी (58 प्रति मानव दिवस) किये जाने का निर्देश था परन्तु प्रदेश सरकार द्वारा रसोईयों को 40 पैसा प्रति छात्र के दर से दिया जा रहा था जिससे रसोईयों का लाखों रू0 बकाया हैं।

धरने में राजकुमार मौर्य रामजनम सिंह, धन्सु प्रसाद, भगवान सिंह, राम सिंह, केवली देवी, लालती देवी, चन्द्रावती देवी, धिरधारी ज्ञानती देवी, शिवपुजन, गायत्री देवी, हिरावती, शकुन्तला, सरस्वती, अनवरी, सीमा खातुन, धनुर्धारी अशरफी, संगीता, संतोषी सहित सैकड़ों रसोईया उपस्थित रहीं।

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