Monday , September 26 2022

दिनभर चला सर्च अभियान, लापता लोगों का नहीं चला पता

संजीव कुमार पांडेय (संवाददाता)

मीरजापुर । अखाड़ाघाट पर हुए नाव हादसे के दौरान डूबे लोगों की खोजबीन के लिए पिछले दो दिनों से सर्च अभियान चलाया जा रहा है। बावजूद इसके अभी तक मात्र शौर्य नामक बालक का शव बरामद हो पाया है। लापता चल रहे पांच अन्य लोगों का तीसरे दिन भी कोई पता नहीं चला। हालांकि उनकी खोजबीन के लिए एनडीआरएफ और स्थानीय पुलिस तीन मोटरबोट के साथ निकली थी लेकिन पूरे दिन खोजबीन के बावजूद उनके हाथ कुछ नहीं लगे। इसको लेकर परिवार के लोगों में आक्रोश रहा।
स्वजनों ने कहा कि जिस तरह टीम उनके परिवार के लापता सदस्यों की खोजबीन कर रही है, उसे देखकर लगता है कि कई दिनों में भी वे मिल जाएं तो बड़ी भाग्य होगी। अखाड़ा घाट पर गंगा नहाने गए सवारियों से भरी एक नाव अनियंत्रित होकर सोमवार को डूब गई थी। इसमें बिहार व झारखंड के राजेश तिवारी व विकास ओझा के परिवार के छह लोग डूब गए थे।
मंगलवार को दिनभर चले सर्च अभियान के दौरान एक बालक शौर्य का शव फतहां के पास गंगा में उतराया मिलने की जानकारी होने पर पुलिस पहुंची और उसे बाहर निकाला। इसके बाद पुलिस किसी के बारे में कोई सुराग नहीं लगा पाई है। टीम की लापरवाही देख परिजन खुद दो स्टीमर बुक कर घटना स्थल से चुनार तक अपने घर के सदस्यों को खोजा लेकिन वे नहीं मिले। स्थानीय लोगों ने कहा कि जब पुलिस अभी नाव कहां डूबी है, यह पता नहीं लगा पाई तो डूबे लोगों का कैसे पता लगा पाएगी। नाव का पता लगाने के लिए उसे फोटोग्राफर को लेकर घटना स्थल पर जाना पड़ा। बताया कि सोमवार को गुड़िया, खुशबू, शौर्य, सत्यम, अनीशा व दीपक का डेढ़ माह का बेटा डूब गए थे। इसमें अभी तक मात्र शौर्य ही मिल पाया है।

अपनों की तलाश में पिछले तीन दिनों से विध्याचल में डेरा डाले हैं परिजन

नाव हादसे में डूबे लोगों को बरामद होने की आस लिए पिछले तीन दिनों से परिजन विध्याचल में डेरा डाले हुए है। खाने तक का पैसा न बचने के बावजूद वे वापस नहीं गए। इधर-उधर से व्यवस्था कर किसी तरह अपना पेट भर लेने के बाद घाट पर पहुंच जा रहे हैं। उन्हें यह आस है कि कहीं न कहीं से अब तो उनके परिजन बरामद हो जाएंगे, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। पूरे दिन चली खोजबीन के बावजूद एनडीआरएफ उनको खोजने में नाकाम रही और एक भी व्यक्ति को खोज नहीं पाई।

स्थानीय गोताखारों ने नाव खोजने की उठाई जहमत

पिछले तीन दिनों से गंगा में डूबी नाव को बरामद करने में नाकाम रही पुलिस को देखते हुए स्थानीय नाविकों ने नाव की खोजबीन करने का जिम्मा उठाया है। स्थानीय गोताखोरों ने गोपलपुर गांव के प्रधान के भारत प्रसाद के सहयोग से नाव की तलाश करने में लगे हुए हैं। ग्राम प्रधान ने कहा कि जिस दिन नाव गंगा में डूबी थी उस दिन से वे लोग कोठैला जाल पानी में डालकर नाव के साथ-साथ लोगों की खोजबीन करने का प्रयास किया, लेकिन उसमें कोई फंसा नहीं। बोल्डर बांधकर डाल रहे तो नाव का कलर उसमें लग रहा है। इससे आशंका जताई जा रही है, नाव यहीं पर है। नाव बाहर आने के बाद पता चलेगा कि उसमें कोई फंसा है या नहीं।

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