आज हैं श्री गणेश चतुर्थी, पूजा में इन बातों का रखें ध्यान

हिंदू पंचांग के अनुसार, गणेश चतुर्थी का पर्व हर साल भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि को मनाया जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस तिथि को ही भगवान श्रीगणेश का जन्म हुआ था। इस साल गणेश चतुर्थी चित्रा नक्षत्र में मनाई जाएगी।

किसी भी कार्य की शुरुआत से पहले सभी देवों में सर्वप्रथम गणपति बप्पा की पूजा की जाती है। मान्यता है कि इनकी पूजा से कार्यों से में बाधा नहीं आती है। इसलिए भगवान श्रीगणेश को विघ्नहर्ता भी कहते हैं। गणेश चतुर्थी के दिन भगवान श्री गणेश की विधि-विधान के साथ पूजा करने से घर में सुख-शांति और समृद्धि आने की मान्यता है। गणेश चतुर्थी के दौरान इन बातों का रखें विशेष ध्यान-

1. गणेश जी को अर्पित करें दूर्वा: गणपति बप्पा को दूर्वा अति प्रिय है। गणेश चतुर्थी पर भगवान श्रीगणेश जी की पूजा में उन्हें दूर्वा जरूर चढ़ानी चाहिए। मान्यता है कि ऐसा करने से गणपति प्रसन्न होते हैं।

2. लाल पुष्प करें अर्पित: भगवान श्रीगणेश को पूजा के दौरान लाल फूल चढ़ाने चाहिए। अगर लाल फूल संभव नहीं है तो कोई और फूल भी चढ़ाया जा सकता है। ध्यान रहे कि भगवान श्रीगणेश को भूलकर भी तुलसी की पत्ती अर्पित न करें।

3. मोदक का भोग: भगवान श्रीगणेश को मोदक का भोग जरूर लगाना चाहिए। कहते हैं कि मोदक को भोग लगाने से गणपति बप्पा की विशेष कृपा प्राप्त होती है।

4. लाल सिंदूर: गणपति महाराज को लाल सिंदूर अतिप्रिय है। गणेश जी को स्नान करने के बाद लाल सिंदूर अर्पित करना चाहिए। उसके बाद माथे पर लाल सिंदूर का तिलक लगाना चाहिए। कहते हैं कि प्रतिदिन करने से भगवान श्रीगणेश का आशीर्वाद प्राप्त होता है।

5. मंत्रों का करें जाप: भगवान श्री गणेश की पूजा के दौरान मंत्रों का जाप करने से संकटों से गणेश जी रक्षा करते हैं। पूजा के दौरान ‘सिन्दूरं शोभनं रक्तं सौभाग्यं सुखवर्धनम। शुभदं कामदं चैव सिन्दूरं प्रतिगृह्यताम॥ ऊँ गं गणपतये नम:’ मंत्र का जाप करना चाहिए।

(इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। इन्हें अपनाने से पहले संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें। )

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