Friday , September 30 2022

विध्यधाम के चार दानपात्रों से निकले 25.66 लाख रुपये

संजीव कुमार पांडेय (संवाददाता)

मिर्जापुर । विध्याचल स्थित प्रशासनिक भवन पर गुरुवार की शाम विध्यवासिनी मंदिर के चार दानपात्रों के रुपयों की गिनती हुई। दानपात्रों से कुल 25 लाख 65 हजार 773 रुपया निकला। दानपात्र तहसीलदार सदर सुनील भाष्कर व राजस्व विभाग की टीम की निगरानी में खोला गया। रुपयों की गिनती के दौरान वीडियोग्राफी भी कराई गई।

वैसे तो विध्यवासिनी मंदिर पर व्यवस्था के लिए विध्य विकास परिषद का गठन किया गया है। परिषद के अध्यक्ष जिलाधिकारी, उपाध्यक्ष पुलिस अधीक्षक व सचिव नगर मजिस्ट्रेट हैं। दर्शनार्थियों को चढ़ावा चढ़ाने के लिए विध्यवासिनी मंदिर पर छह दानपात्र लगा है। वहीं विध्य पर्वत पर विराजमान अष्टभुजा माता मंदिर व कालीखोह मंदिर पर भी एक-एक दानपात्र लगा है। हर तीन माह पर दानपात्रों के रुपयों की गिनती की जाती है। एक साल में लगभग सवा करोड़ रुपये दानपात्र से निकलते हैं। दानपात्र से निकले रुपयों को भारतीय स्टैट बैंक शाखा विध्याचल में विध्य विकास परिषद के अध्यक्ष के खाते में जमा किया जाता है। विध्य विकास परिषद का गठन 1982 में हुआ था। तत्कालीन जिलाधिकारी प्रशांत कुमार मिश्र ने श्रीविध्य पंडा समाज की सहमति पर इसका गठन किया था। तब से लेकर 2007 तक विध्य विकास परिषद के खाते से निकले रुपयों का कोई हिसाब नहीं है। दानपात्र से निकले रुपये विध्यधाम में दर्शनार्थियों की व्यवस्था पर खर्च किया जाना चाहिए। जबकि ऐसा नहीं हो रहा है। तहसीलदार सदर ने बताया कि विध्यवासिनी मंदिर के चार दानपात्रों के रुपयों की गिनती की गई है। इसमें से 25 लाख 65 हजार 773 रुपया निकला है। दस सितंबर शुक्रवार यानी आज विध्यवासिनी के दो अवशेष दानपात्रों के साथ ही कालीखोह व अष्टभुजा मंदिर के एक-एक दानपात्रों के रुपयों की गिनती की जाएगी।

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