Friday , September 30 2022

गलत शिकायत पर संघर्ष समिति ने सीएम को लिखा पत्र

कृपा शंकर पाडे (संवाददाता)

० बिना शपथ पत्र के शिकायत पर विचार न किये जाने की अपील

ओबरा । विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति, उत्तर प्रदेश द्वारा बिजली अधिकारियों व कर्मचारियों के विरुद्ध मनगढ़ंत शिकायत के संबंध में प्रदेश के मुख्यमंत्री को पत्र लिखा गया है। पत्र के अनुसार संघर्ष समिति ने अवगत कराया है कि प्रदेश सरकार के कुशल नेतृत्व में स्वच्छ भ्रष्टाचार मुक्त प्रशासन के प्रति कटिबद्ध मंशा के अनुरूप अनुशासन, निष्ठा, ईमानदारी और कर्तव्य परायणता के अनुरूप कार्य कर रहे ईमानदार अधिकारियों तथा कर्मचारियों के विरुद्ध गलत लोगो द्वारा अपने निजी स्वार्थ की पूर्ति ना होने पर फर्जी शिकायत पत्रों के माध्यम से मनगढ़ंत आरोप लगाकर विद्युत कर्मियों को बदनाम करने का कुप्रयास किया जाता है। कहा की विभिन्न माध्यमों से प्राप्त शिकायतों के संबंध में सर्वप्रथम शिकायतकर्ता से इस बारे में एक शपथ पत्र उपलब्ध कराने तथा शिकायतों की सत्यता की पुष्टि हेतु समुचित साक्ष्य उपलब्ध कराने को कहा जाए और उनके प्राप्त होने के उपरांत ही अग्रिम कार्यवाही की जाए।विदित हो कि शिकायतकर्ता से शपथ पत्र पर शिकायत व साक्ष्य प्राप्त होने पर ही शिकायत पर विचार करने का सरकार का शासनादेश व निगम मुख्यालय का आदेश है।समिति ने अवगत कराया कि शशि कांत श्रीवास्तव, कार्यकारी सहायक, उत्तर प्रदेश विद्युत मजदूर संघ के प्रदेश महामंत्री व राष्ट्रीय कार्यसमिति सदस्य हैं एवं शाहिद अख्तर, कार्यकारी सहायक, विद्युत कार्यालय कार्मिक संघ के केंद्रीय अतिरिक्त महामंत्री हैं। उक्त दोनों लोगों द्वारा संगठनात्मक कार्य दायित्वों का निर्वहन करते हुए मुख्य महाप्रबंधक कार्यालय ओबरा तापीय परियोजना के अधीन कार्यकारी सहायक के पद पर कार्यरत रहते हुए अपने पद का पूरी निष्ठा एवं ईमानदारी पूर्वक समस्त निगमीय कार्य दायित्वों का निर्वहन किया जाता है। साथ ही समय-समय पर कर्मचारी समस्याओं के निदान हेतु संपर्क साधने पर उपरोक्त कर्मियों द्वारा संगठन प्रतिनिधियों का बराबर सहयोग किया जाता है। श्री श्रीवास्तव एवं श्री अस्तर द्वारा उत्तर प्रदेश सरकार की मंशा के अनुरूप विभागीय रीति नीति के अनुरूप ही अपने पटल से संबंधित निगमीय कार्यों का निष्पादन भी किया जाता है। उक्त दोनों कार्मिक सामाजिक एवं कुशल संगठन प्रतिनिधित्व कर्ता है। एवं समाज में इनकी छवि स्वच्छ है। आरोप लगाया कि एक संगठन विशेष के पदाधिकारी द्वारा उपरोक्त दोनों संघ पदाधिकारियों के विरुद्ध माननीय उपमुख्यमंत्री प्रदेश सरकार को संबोधित पत्र के माध्यम से मनगढ़ंत शिकायती पत्र प्रेषित किया गया है। जबकि संघर्ष समिति ओबरा द्वारा महाप्रबंधक, प्रबंध निदेशक एवं अध्यक्ष उत्पादन निगम लिमिटेड ओबरा के भ्रमण के दौरान ऐसे मनगढ़ंत शिकायती पत्रों पर तत्काल अंकुश लगाए जाने के संबंध में कोई ठोस विभागीय कार्यवाही प्राविधानित किए जाने का अनुरोध किया गया था। कहा कि पूर्व में भी संगठन विशेष के पदाधिकारी द्वारा मन मुताबिक कार्य न करने के लिए मोर्चा संगठनो के पदाधिकारियों को स्थानांतरण की धमकी देते हुए उनके विरुद्ध संगठन का शिकायती पत्र प्रेषित किया गया था। जिसके जांचो उपरांत संगठन विशेष के पदाधिकारी के विरुद्ध तत्थहीन शिकायत करने तथा कार्यालय को गुमराह करने का दोषी मानते हुए अनुशासनिक कार्यवाही की संस्तुति की गई थी। संघर्ष समिति ने मांग किया कि संगठन विशेष के पदाधिकारी द्वारा दुर्भावना वश किए गए झूठे व मनगढ़ंत शिकायती पत्र पर कोई कार्यवाही किए जाने से पूर्व शिकायतकर्ता के कार्य व्यवहार आचरण का सत्यापन कराते हुए मामला निक्षेपित किया जाय। वहीं इस मामले में सदर विधायक भूपेश चौबे तथा नगर पंचायत अध्यक्ष ओबरा प्रान मति देवी द्वारा मनगढ़ंत शिकायत किए जाने की घोर निंदा करते हुए प्रदेश के उपमुख्यमंत्री को पत्र लिखा है।

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