गौतम बुध नगर जिलाधिकारी सुहास एलवाई ने रचा इतिहास, प्रधानमंत्री ने खुद फोन कर दी बधाई

गौतम बुध नगर जिलाधिकारी सुहास एलवाई ने इतिहास रचते हुए टोक्यो में चल रहे हैं, पैरालंपिक गेम्स में बैडमिंटन SL4 एकल मुकाबले में रजत पदक हासिल किया है, जीत के बाद सुहास को देशभर से बधाइयां मिल रही है, खुद प्रधानमंत्री ने सुभाष से फोन पर बात कर शुभकामनाएं दी वही जिलाधिकारी के परिजन भी बेहद खुश है सुभाष की पत्नी और जनपद गाजियाबाद में एडीएम पद पर तैनात ऋतु सुहास ने सुहाग के जीत के बाद खुशी जताई है।

गौतम बुध नगर जिलाधिकारी सुहास एलवाई की पत्नी और जनपद गाजियाबाद में एडीएम पद पर तैनात ऋतु सुहास में बताया कि यह बेहद गौरव का पल है सुहास पिछले 8 साल से तैयारी कर रहे थे पैरालंपिक्स में भारत के लिए पदक जीतना उनका सपना था पूरे देश को आज उन पर गर्व है कि कैसे अपने काम के साथ-साथ बैडमिंटन की भी तैयारी करते रहे ऋतु सुहास ने बताया सुहास रोजाना लगभग 4 घंटे प्रैक्टिस करते थे, ऋतु सुहास ने बताया कि वो मैच के दौरान जाप करती है, सुहास के वापसी पर पूरा देश उनका बढ़ चढ़ के स्वागत करेगा।

वही मैच जीतने के बाद गौतमबुद्ध नगर जिला अधिकारी सुहास एलवाई ने वीडियो जारी करते हुए कहां कि मुझे इस बात का मलाल है कि मैं गोल्ड नहीं जीत पाया हालांकि सिल्वर मेडल जीतना भी मेरे लिए फक्र की बात है, मैंने कभी यह नहीं सोचा था कि कि अपने देश का प्रतिनिधित्व पैरालंपिक गेम में करूंगा, सभी देशवासियों का तहे दिल से धन्यवाद करना चाहता हूं जिन्होंने मुझे सपोर्ट किया प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भी फोन आया था उन्होंने भी पूरे देश की तरफ से बधाई दी है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खुद सुहास एलवाई से फोन पर बात की प्रधानमंत्री ने सुहास को कहा कि आपने पदक जीतकर देश का मान बढ़ाया सुहास ने प्रधानमंत्री को धन्यवाद कहा, सुहास ने प्रधानमंत्री से कहा के आपने टोक्यो आने से पहले हम लोगों से बात की थी, तब आपने कहा था कि आपके सामने प्रतिद्वंदी कोई भी हो मत देखना डटकर मुकाबला करना, इस बात ने मुझे काफी इंस्पायर किया है, मैं कर्नाटक एक छोटे से शहर से हूं मैंने कभी नहीं सोचा था की जिलाधिकारी बनूंगा और देश के लिए पैरालंपिक में मेडल जीतूंगा, मैंने कभी नहीं सोचा था कि खुद देश के प्रधानमंत्री मुझे बात करके बधाई देंगे, वही इसी बीच सुहास थोड़े इमोशनल भी हुए सुहास ने प्रधानमंत्री से बात करते हुए बताया कि बचपन में खुद को अपंग होने पर उन्हें लगता था कि भगवान ने उनके साथ क्या कर दिया लेकिन आज पैरालंपिक में देश के लिए मेडल जीतना और प्रशासनिक अधिकारी बनके देश की सेवा करने पर उनको फक्र महसूस हो रहा है, प्रधानमंत्री ने सुहास का हौसला बढ़ाते हुए कहा कि आपने जो भी किया है अपने मेहनत अपने बलबूते पर किया है आपको बधाई।

आपको बता दे कि सुहास 2007 बैच के आईएस अधिकारी है, सुहास प्रशासनिक जिम्मेदारियों के साथ साथ बैडमिंटन में भी दिलचस्पी रखते हैं,वे इस से पहले कई राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में पदक जीत चुके है, साल 2016 में चीन में आयोजित एशियन चैंपियनशिप के मेंस सिंगल में उन्होंने गोल्ड मेडल जीता था।

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