Sunday , September 25 2022

ख़ाकी पर फिर लगा दाग, अबकी बार अपनादल का नेता बना शिकार, वायरल वीडियो ने मचाया हड़कम्प

शान्तनु कुमार/आनंद कुमार चौबे (संवाददाता)

रिपोर्टिंग पुलिस चौकी सुकृत का है पूरा मामला

● बाइक चोरी की एफआईआर लिखाने पहुंचे थे, बिठा लिए गए

● एक तरफ़ पुलिस चलाती है कम्युनिटी पुलिसिंग, दूसरी तरफ पुलिस का यह चेहरा

● कोन, मारकुंडी में भी बदसलूकी का मामला आ चुका है पहले

● सीएम के मित्र पुलिस का नहीं दिख रहा पालन

सोनभद्र । इन दिनों सोनभद्र में ख़ाकी पर लगातार दाग लग रहे हैं। महीने भर के अंदर चाहे कोन का मामला हो या फिर मारकुंडी या बीजपुर का मामला, पुलिस कर्मियों की करतूत ने उच्च अधिकारियों की खूब किरकिरी करायी है। अभी बीजपुर में अश्लील डांस का मामला शांत भी नहीं हुआ कि सोनभद्र के सुकृत चौकी के एक वायरल वीडियो ने पुलिस महकमे में हड़कम्प मचा दिया।

यह वायरल वीडियो सुकृत चौकी इंचार्ज का बताया जा रहा है। जिसमें वे वर्दी व चश्मा पहने फरियादियों से रौब गाँठते दिख रहे हैं। एक मिनट 20 सेकेंड के इस वायरल वीडियो के आने के बाद ख़ाकी एक बार फिर सवालों के घेरे में है।

जहां एक तो चोरी, ऊपर से सीनाजोरी की कहावत चरितार्थ होती नजर आ रही है। दरअसल स्थानीय चौकी क्षेत्र से बीती रात एक बाइक चोरी हो गयी। बाइक मालिक अपना दल (एस) के घोरावल विधानसभा महासचिव ई0 के0डी0 सिंह के साथ चोरी की एफआईआर लिखाने चौकी पहुँचा तो वहां मौजूद दरोगा जी ने एफआईआर लिखने से मना कर दिया। जिसके बाद अपना दल (एस) के पदाधिकारी ने जब इस मामले को लेकर चौकी इंचार्ज से बात करना चाहा तो चौकी इंचार्ज उल्टे अपना दल के कार्यकर्ता पर भड़क गए और अपशब्द का प्रयोग करते हुए वहां मौजूद सिपाही से नाम नोट करने को कहा लेकिन जब कार्यकर्ता ने इसका विरोध किया तो उसे डांट कर भगा दिया।

लेकिन अपनादल के पदाधिकारी का आरोप है कि पुलिस ने उन लोगों को तब तक चौकी ओर बिठाए रखा। जब अपना दल के जिलाध्यक्ष सत्यनारायण पटेल व जिला पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि अरुण सिंह पटेल को घटना की जानकारी मिली तो वो लोग तत्काल सुकृत चौकी पहुँच गए जिसके बाद पदाधिकारी सहित फरियादी को छोड़ा दिया गया।

यूं तो सुकृत क्षेत्र नक्सल प्रभावित है। जहां एक तरफ नक्सल इलाकों में पुकिस क्षेत्र में लगातार कम्युनिटी पुलिसिंग के तहत लोगों से जुड़ने का काम करती है लेकिन पुलिस का आज एक दूसरा चेहरा भी सामने आया तो लोग हैरान हो गए। उन्हें समझ में नहीं आ रहा था कि आखिर वे क्या करें।

वहीं जिला पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि अरुण सिंह पटेल का कहना है कि वे कप्तान से मिलकर कार्यवाही की मांग करेंगे। ताकि पार्टी की छवि खराब न हो।

बहरहाल चौकी इंचार्ज साहब, शायद आपको भी पता होगा कि एक आम व्यक्ति थाने-चौकी से दूर रहना चाहता है। बिना किसी मजबूरी व काम के वह थाने-चौकी पर जाना पसंद नहीं करता। ऐसे में यदि कोई शख्स किसी की मदद में चला भी गया तो कौन सा गुनाह कर दिया कि आप उन सभी के नाम नोट करवाने लगे। माना कि आप कानून के रक्षक हैं और कानून व्यवस्था को बेहतर बनाना आपका दायित्व है।

शायद यही कारण है कि लोग आज भी

अपनी समस्याओं को लेकर पुलिस के पास

अकेले नहीं जाना चाहते, पता नहीं कब हुजूर

नाम नोट कर बिठा लें।

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