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असंगठित क्षेत्र में काम करने वाले श्रमिकों के बनेंगे यूनिक आईडी कार्ड

कृपाशंकर पांडे (संवाददाता)

सीएससी केंद्रों के माध्यम से होगा इनका निःशुल्क पंजीकरण

ओबरा। परिवार पहचान पत्र और आधार कार्ड की तर्ज़ पर अब देश भर के असंगठित क्षेत्रों में कार्य करने वाले कामगारों/ श्रमिकों के यूनिक आईडी कार्ड बनाए जाएंगे इस कार्यक्रम को श्रम एवं रोजगार मंत्रालय, भारत सरकार 25 अगस्त को लांच करेगा ।
मंत्रालय के अनुसार देश भर में 43.7 करोड़ असंगठित श्रमिक विभिन्न क्षेत्रों में काम कर रहे हैं अब इनका कार्य के अनुसार विभाजन का खाका तैयार किया जाएगा ताकि उनके उत्थान के लिए योजनाएं बनाकर उन्हें क्रियान्वयन किया जा सके जिले मे हज़ारों असंगठित क्षेत्र के श्रमिक हैं, जिनको पंजीकृत किया जाना है सभी का पंजीकरण निःशुल्क होगा और इसके लिए सरकार कमान सर्विस सेंटर के वीएलई को 20 रुपये प्रति कार्ड देगी, हालाकि यदि यूनिक आईडी कार्ड में आवेदक बाद में अपडेट कराता है तो उसके 20 रुपये खुद वहन करने होगे।

यह लाभ होगे
यूनिक आईडी कार्ड बनते ही इन असंगठित श्रमिकों को प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना का लाभ मिल जाएगा इसका एक साल का खर्च सरकार खुद वहन करेगी असंगठित श्रमिक किस वर्ग से हैं इसका खाका तैयार करने के बाद सामाजिक सुरक्षा योजनायें जोकि मंत्रालय और सरकार ने चलाई हैं उन्हें आसानी से क्रियान्वित कर इनके बजट का प्राविधान किया जा सकेगा श्रमिकों के गतिविधियों और वह किस राज्य से किस राज्य में जा रहे है इसको आसानी से ट्रेक किया जा सकेगा आपदा के समय इन असंगठित श्रमिको तक आसानी से मदद पहुंचाई जा सकेगी।
*पंजीकरण के लिए योग्यता*

•आवेदक की उम्र 16 से 59 वर्ष होनी चाहिए*
•आवेदक का पीएफ और ईएसआई खाता नही होना चाहिए।*
•आवेदक किसी भी संगठित सामुह या संस्था का सदस्य नहीं होना चाहिए।*
•आवेदक आयकर दाता नहीं होना चाहिए।*
•आवेदक के लिए जरूरी दस्तावेज*

आवेदक के पास आधार कार्ड होना चाहिए, बैंक का खाता और मोबाइल फोन नंबर यह आवेदक के लिए अनिवार्य हैं।
यह लोग करा सकते हैं पंजीकरण

छोटे और सीमांत किसान ,कृषि मजदूरों, शेयरक्रॉपर्स, मछुआरों, पशुपालन में लगे लोग, बीड़ी रोलिंग लेबलिंग और पैकिंग, भवन और निर्माण श्रमिक, चमड़े के कर्मचारी, बुनकरों, बढ़ई, नमक कार्यकर्ता, ईंट भट्ठों और पत्थर की खदानों में काम करने वाले मजदूर, आरा मिलों में काम करने वाले, दाइयों, घरेलू श्रमिक,
नाइयों, सब्जी और फल विक्रेता,
समाचार पत्र विक्रेता, रिक्शा खींचने वाले, ऑटो चालक, रेशम उत्पादन कार्यकर्ता, बढ़ई, टेनरी कार्यकर्ता, सामान्य सेवाएं केन्द्रों, घर की नौकरानी, सड़क विक्रेताओं, मनरेगा मजदूर,
आशा कार्यकर्ता, दूध डालने वाले, किसान, प्रवासी मजदूरों।
इस सिलसिले में सीएससी जिला प्रबंधक आशीष पाण्डेय ने बताया कि 25 अगस्त को इस कार्यक्रम को लांच कर दिया जाएगा इसके लिए जिले मे करीब 500 वीएलई असंगठित क्षेत्रों के कामगारों/ श्रमिकों का निःशुल्क पंजीकरण करेंगे और कार्ड बनाएंगे।

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